उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए शहर के बुनियादी ढांचे और आतिथ्य क्षेत्र (Hospitality) में भारी निवेश किया जा रहा है। सरकार और निजी क्षेत्र, दोनों ही बड़े स्तर पर लग्जरी और बजट होटलों के निर्माण में जुटे हैं।
यहाँ वर्तमान में चल रही बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी गई है: https://www.hearingcareaid.in/
बड़े होटल समूह और नई परियोजनाएं
* ताज ग्रुप (IHCL): टाटा समूह की कंपनी IHCL उज्जैन में विवांता (Vivanta) ब्रांड के तहत एक लग्जरी होटल बना रही है। इसमें लगभग 130 कमरे होंगे और इसके 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है।
* Cygnett Retreat by Wyndham: 100 कमरों वाला यह प्रीमियम बुटीक रिसॉर्ट मिड-2026 तक शुरू होने वाला है। यह महाकाल मंदिर से लगभग 12 किमी दूर होगा और इसमें ग्रीक-प्रेरित (Santorini-style) वास्तुकला देखने को मिलेगी।
* महाराजवाड़ा हेरिटेज होटल: महाकाल मंदिर के ठीक पास स्थित ऐतिहासिक महाराजवाड़ा भवन को मध्य प्रदेश पर्यटन (MPT) द्वारा एक AI-संचालित हेरिटेज होटल में बदला जा रहा है। इसका लोकार्पण फरवरी 2026 में होने की संभावना है।
* स्पेशल ‘स्पिरिचुअल सिटी’: महाकाल मंदिर के 15 किमी के दायरे में एक नई ‘स्पिरिचुअल सिटी’ विकसित की जा रही है, जहाँ पर्यटकों के लिए आधुनिक कॉटेज और हर श्रेणी के होटल उपलब्ध होंगे।
सरकारी और अन्य प्रयास www.hearingcareaid.in * MPTDC होटलों का विस्तार: मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम अपने मौजूदा होटलों (जैसे होटल अवंतिका, उज्जैनी और शिप्रा) की क्षमता बढ़ा रहा है और उनमें सुविधाओं को आधुनिक बना रहा है।
* होम-स्टे और लॉज: बड़े होटलों के साथ-साथ शहर के विभिन्न इलाकों (जैसे नानाखेड़ा और इंदौर रोड) में होम-स्टे और तीन-सितारा होटलों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है ताकि मध्यम वर्गीय श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
* आधुनिक टेंट सिटी: सिंहस्थ के दौरान भीड़ को संभालने के लिए गुजरात के ‘रण उत्सव’ की तर्ज पर उज्जैन में एक भव्य और आधुनिक टेंट सिटी बनाने की भी योजना है। https://www.hearingcareaid.in/










