सोना-चांदी महा-रिपोर्ट: 3 महीने की ऐतिहासिक उथल-पुथल और बाज़ार का वर्तमान रुख
एंकर (हिंदी): खबर पर नजर परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है मैं खुशी श्रीमाल। आज की सबसे बड़ी खबर सराफा बाजार से है, जहाँ पिछले 90 दिनों में सोने और चांदी ने निवेशकों को कभी खुशी तो कभी गम का अहसास कराया है। अगर हम पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो नवंबर 2025 से लेकर जनवरी 2026 के अंत तक सोने की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी देखी गई, जिसने घरेलू बाजार में एक लाख अस्सी हजार रुपये प्रति दस ग्राम का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया था। वहीं चांदी ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए चार लाख रुपये प्रति किलो की ऐतिहासिक ऊंचाई को छू लिया, जिससे आम खरीदार बाजार से दूर हो गया।www.hearingcareaid.in
इस तीन महीने के सफर में वैश्विक तनाव और डॉलर की मजबूती ने कीमतों को हवा दी, लेकिन हालिया बजट के बाद स्थितियों में बड़ा बदलाव आया है। जनवरी के आखिरी सप्ताह में जहाँ कीमतें अपने शिखर पर थीं, वहीं फरवरी की शुरुआत होते ही मुनाफ़ावसूली का दौर शुरू हुआ, जिससे चांदी की कीमतों में एक ही झटके में डेढ़ लाख रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले तीन महीनों का यह अपडेट दर्शाता है कि बाजार अब ‘करेक्शन’ के दौर में है, जहाँ कीमतें अब स्थिर होने की कोशिश कर रही हैं। निवेशकों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है, क्योंकि बाज़ार की चाल अभी भी अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर है। खबर पर नजर परिवार के लिए मैं खुशी श्रीमाल, धन्यवाद।
मुख्य बिंदु (सारांश):
* नवंबर – दिसंबर: कीमतों में धीरे-धीरे मजबूती और शादियों के सीजन की मांग।
* जनवरी: सोने-चांदी की कीमतों का अपने लाइफ-टाइम हाई (शिखर) पर पहुँचना।
* फरवरी (वर्तमान): बजट के बाद कीमतों में भारी गिरावट और बाजार का टूटना।










