राजधानी में शिक्षा का बदलता चेहरा
राजधानी दिल्ली में तकनीकी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बीते सात वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत दाखिलों में 135 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि युवाओं का रुझान तेजी से तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा की ओर बढ़ रहा है।
दाखिलों में ऐतिहासिक वृद्धि
वर्ष 2019-20 में जहां दाखिलों की संख्या 8,394 थी, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 19,773 हो गई है। यह वृद्धि न केवल शिक्षा के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सरकारी प्रयासों का असर जमीन पर दिख रहा है।
उच्च शिक्षा के लिए बढ़ा बजट
सरकार ने 2025-26 में उच्च शिक्षा के लिए 1,044 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यह बजट नए संस्थानों, बुनियादी ढांचे और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
राज्य तकनीकी विश्वविद्यालयों का विस्तार
दिल्ली में अब छह प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय, इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी दिल्ली, दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी और दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ावा
तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिला है। 11 इनक्यूबेशन सेंटरों में नवंबर 2025 तक 449 स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिन्हें 24.61 करोड़ रुपये की सीड मनी दी गई है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
नई तकनीकों जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल मोबिलिटी के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं।
नरेला बनेगा शिक्षा का नया केंद्र
नरेला में एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है, जहां छह विश्वविद्यालयों के नए कैंपस स्थापित होंगे। इसमें रिसर्च सेंटर, मेडिकल साइंस और मीडिया स्टडीज भी शामिल होंगे।
नई परियोजनाएं और कैंपस विस्तार
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को नॉर्थ कैंपस के लिए जमीन मिल चुकी है, जबकि अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली के नए कैंपस भी विकसित हो रहे हैं।
सीएम श्री स्कूल: नई पहल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 75 सीएम श्री स्कूल शुरू किए गए हैं, जो आधुनिक शिक्षा का मॉडल बनेंगे।
निष्कर्ष
दिल्ली की शिक्षा प्रणाली तेजी से बदल रही है। यह बदलाव आने वाले वर्षों में राजधानी को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र बना सकता है।










