गैस बचाने के चक्कर में सेहत से न करें खिलवाड़: रेडी-टू-ईट फूड्स को बनाएं हेल्दी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

एलपीजी की कमी और रेडी-टू-ईट फूड्स की बढ़ती मांग

एलपीजी गैस की बढ़ती मांग और अनिश्चितता के कारण लोग रेडी-टू-ईट (RTE) और रेडी-टू-कुक (RTC) खाद्य पदार्थों की ओर अधिक झुकाव दिखा रहे हैं। पैकेटबंद फूड्स समय और ईंधन की बचत में सहायक होते हैं, लेकिन इनके अधिक सेवन से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।

इन फूड्स में प्रिजर्वेटिव, नमक और चीनी की अधिकता पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती है। पैकेटबंद फूड्स के अधिक सेवन से मोटापा, फैटी लिवर, हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

पोषण बढ़ाने के आसान तरीके

बाजार से लाकर सीधे खाने के बजाय, आप रेडी-टू-ईट फूड्स में ताजी सब्जियां, उबले अंडे, पनीर या टोफू मिलाकर इसे स्वादिष्ट और पोषणयुक्त बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, नूडल्स या पास्ता में फ्रोजन ब्रोकली, मटर या गाजर डालें।

मसालों के उपयोग में सावधानी बरतें। पैकेट के साथ मिलने वाले टेस्ट मेकर में नमक अधिक होता है, इसलिए उसका उपयोग कम या आधा करें। स्वाद और पोषण के लिए हर्ब्स, नींबू का रस या हरा धनिया डाल सकते हैं।

फ्रीजर मील: समय और पोषण का समाधान

फ्रीजर मील का उपयोग करना सुविधाजनक है, लेकिन इसे सही तरीके से तैयार करना आवश्यक है। उबली दाल, टमाटर-प्याज की ग्रेवी, छोले, राजमा या लोबिया को छोटे कंटेनर या जिपलॉक बैग में फ्रीज करें। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह विशेष ध्यान का विषय है।

बच्चों के लिए होममेड नूडल्स सूप

एलपीजी की कमी के कारण बाजार में नूडल्स की मांग बढ़ी है। आप घर पर पौष्टिक नूडल्स सूप बना सकते हैं। कांच की जार में उबले नूडल्स, सोया सॉस, अदरक-लहसुन का पेस्ट और बारीक कटी सब्जियां डालें। पोषण बढ़ाने के लिए पनीर या होल व्हीट नूडल्स का प्रयोग करें। बच्चों को इसे सिर्फ गर्म पानी डालकर परोसा जा सकता है।

पोषण से भरे इंस्टेंट मिक्स

इंस्टेंट मिक्स जैसे सूप, उपमा या सत्तू को घर पर बनाना बेहतर है। उदाहरण के लिए, उपमा तैयार करने के लिए सूजी को राई, करी पत्ता, मूंगफली और सूखी सब्जियों के साथ भूनकर एयरटाइट डिब्बे में रख सकते हैं। गर्म पानी डालकर पांच मिनट ढककर खाने योग्य बनाया जा सकता है। सत्तू ड्रिंक्स भी घर पर आसानी से तैयार की जा सकती हैं।

पैकेट फूड्स के लिए स्मार्ट विकल्प

  • न्यूट्रिशन लेबल ध्यान से पढ़ें: सोडियम, सेचुरेटेड फैट और चीनी की मात्रा जांचें।
  • साबुत अनाज, सब्जियां और लीन प्रोटीन पहले तीन अवयवों में हों।
  • मैदे के बजाय होल ग्रेन जैसे बाजरा, ज्वार, रागी चुनें।
  • ट्रांस फैट और हाइड्रोजनेटेड तेल वाले उत्पादों से बचें। जैतून का तेल या एवोकाडो तेल का विकल्प अपनाएं।
  • पैकेट पर FSSAI लोगो और लाइसेंस नंबर जांचें।
  • फ्रीजर में रखने से पहले कंटेनर या जार में तारीख का लेबल लगाएं।

पोषण विशेषज्ञ की सलाह

डॉ. रोहिणी पाटिल, पोषण विशेषज्ञ, मुंबई, कहती हैं कि ईंधन की बचत के लिए रेडी-टू-ईट फूड्स पर निर्भर होना समझदारी है, लेकिन सजगता जरूरी है। इंडक्शन पर दाल-चावल या झटपट बनने वाले विकल्प तैयार कर सकते हैं।

भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा 45 प्रतिशत, दालें 15 प्रतिशत, हेल्दी फैट 10-15 प्रतिशत और सब्जियां व फल 30-40 प्रतिशत होना चाहिए। मौसमी फलों का सेवन इस संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।

चुनौतियों को आसान बनाएं

रेडी-टू-ईट फूड्स पर पूर्ण निर्भरता से बचें। थाली में संतुलन बनाए रखें और पोषण तत्वों का ध्यान रखें। समय और ईंधन की बचत करते हुए, घर पर हल्के और हेल्दी विकल्प तैयार करना संभव है।

निष्कर्ष

एलपीजी गैस बचाना जरूरी है, लेकिन सेहत को खतरे में नहीं डालना चाहिए। रेडी-टू-ईट और इंस्टेंट फूड्स को ताजी सब्जियों, प्रोटीन और घर पर बने फ्रीजर मील के साथ संतुलित करना सबसे सुरक्षित तरीका है। पोषण लेबल पढ़ें, नमक और चीनी सीमित रखें और अपने परिवार की सेहत का ध्यान रखें।

KPN News
Author: KPN News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें