उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से पहले ही बढ़ी बिजली की मांग, इंडक्शन और EV ने बढ़ाया ‘पावर’ लोड

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उत्तर प्रदेश में बढ़ी बिजली की मांग: गर्मी और तकनीक का बढ़ता असर

तेजी से बढ़ती बिजली की खपत

उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और अब यह 21,450 मेगावाट तक पहुंच गई है। पिछले पांच-छह दिनों में ही मांग में लगभग साढ़े तीन हजार मेगावाट का इजाफा हुआ है। यह वृद्धि राज्य के बिजली तंत्र के लिए एक नई चुनौती बनकर उभर रही है।

तापमान में वृद्धि का सीधा असर

गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली की खपत बढ़ना सामान्य बात है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, पंखे, कूलर और अन्य उपकरणों का उपयोग बढ़ जाता है। हालांकि अभी एसी का उपयोग सीमित है, लेकिन आने वाले समय में इसका लोड भी तेजी से बढ़ सकता है।

इंडक्शन उपकरणों का बढ़ता चलन

बिजली की मांग बढ़ने का एक बड़ा कारण इंडक्शन चूल्हों का बढ़ता उपयोग भी माना जा रहा है। गैस सिलेंडर की उपलब्धता और कीमतों को देखते हुए लोग तेजी से इंडक्शन उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बिजली की खपत में इजाफा हो रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। चार्जिंग के लिए बिजली की जरूरत होने के कारण यह भी बिजली की मांग बढ़ने का एक प्रमुख कारण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में EV का प्रभाव और अधिक दिखाई देगा।

मौसम के उतार-चढ़ाव का असर

हाल ही में हुई बारिश के कारण बिजली की मांग में अस्थायी गिरावट आई थी। 21 मार्च को यह घटकर 18,031 मेगावाट रह गई थी। लेकिन तापमान बढ़ने के साथ ही मांग फिर तेजी से बढ़ी और कुछ ही दिनों में 21,450 मेगावाट तक पहुंच गई।

जून में रिकॉर्ड मांग की संभावना

पावर कॉरपोरेशन का अनुमान है कि इस बार जून में बिजली की मांग 34 हजार मेगावाट से अधिक पहुंच सकती है। पिछले वर्ष जून में यह आंकड़ा 31,309 मेगावाट तक गया था, जिससे इस बार नए रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है।

उपभोक्ता परिषद की चिंता

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बिजली की बढ़ती मांग पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इंडक्शन उपकरण और EV चार्जिंग का प्रभाव अलग से अध्ययन किया जाना चाहिए, ताकि सही अनुमान लगाया जा सके।

पावर कॉरपोरेशन का आश्वासन

पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल का कहना है कि फिलहाल राज्य में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेशवासियों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है और किसी प्रकार की कटौती नहीं हो रही है।

भविष्य की तैयारी जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मांग को देखते हुए अभी से योजना बनाना जरूरी है। यदि समय रहते पर्याप्त बिजली की व्यवस्था नहीं की गई, तो भीषण गर्मी के दौरान लोगों को कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग एक महत्वपूर्ण संकेत है कि जीवनशैली और तकनीक दोनों तेजी से बदल रहे हैं। इंडक्शन उपकरण और इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग भविष्य में बिजली की खपत को और बढ़ाएगा। ऐसे में सरकार और बिजली विभाग को पहले से तैयारी करनी होगी, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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Author: KPN News

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