## **राजनीति में महिलाओं का आरक्षण: समाज के सर्वांगीण विकास का नया सवेरा**
**इंदौर।** ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना केवल एक संवैधानिक बदलाव नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति का शंखनाद है। यह विचार इंदौर के **स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र.** द्वारा आयोजित समूह चर्चा **“राजनीति में नया सवेरा”** में उभरकर आए। अभिनव कला समाज सभागार में आयोजित इस चर्चा में विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाओं ने शिरकत की और महिला आरक्षण को देश के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
### **मुख्य वक्ताओं के विचार**
* **सृजन और दृष्टि:** वरिष्ठ साहित्यकार **डॉ. स्वाति तिवारी** ने कहा कि प्रकृति ने महिलाओं को सृजन की क्षमता दी है, इसलिए वे बेहतर समाज संचालन कर सकती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले को “काल करे सो आज कर” की तर्ज पर आधी आबादी के हित में लिया गया बड़ा निर्णय बताया।
* **योग्यता बनाम आरक्षण:** चिकित्सक **डॉ. विनीता कोठारी** ने महत्वपूर्ण बिंदु रखते हुए कहा कि केवल कुर्सी मिलने से ताकत नहीं मिलती, महिलाओं को अपनी योग्यता और आत्मविश्वास से समाज में बराबरी का स्थान बनाना होगा।
* **चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता:** **डॉ. अरविंदर कौर सबरवाल** ने आगाह किया कि आरक्षण का लाभ चुनिंदा परिवारों तक सीमित न रहे। योग्य और शिक्षित महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आगे लाना जरूरी है।
* **ऐतिहासिक भागीदारी:** क्षत्रिय मराठा महिला संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष **स्वाति युवराज काशिद** ने विश्वास जताया कि संसद में महिलाओं का प्रतिशत 14 से बढ़कर 33 होने पर देश के नेतृत्व में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
### **सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव**
विहिप की **ज्योति श्रीवास्तव** ने इसे मातृशक्ति के माध्यम से राष्ट्रशक्ति को जगाने वाला कदम बताया, वहीं साहू समाज की अध्यक्ष **भावना साहू** ने कहा कि भेदभाव के बावजूद महिलाओं ने हर क्षेत्र में खुद को सिद्ध किया है। अधिवक्ता **स्वाति मेहता** ने पंचायत स्तर से शुरू हुए इस सफर को अब लोकसभा और विधानसभा तक पहुँचने पर हर्ष व्यक्त किया।
### **विशेष सत्र और भविष्य की रूपरेखा**
चर्चा की शुरुआत में स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष **प्रवीण खारीवाल** ने 1975 से लेकर 2023 तक महिला आरक्षण के संघर्षपूर्ण सफर का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा 2011 की जनगणना और परिसीमन के आधार पर **वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव** से 33 प्रतिशत सीटों पर आरक्षण लागू करने की है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार **रचना जौहरी, शीतल राय, डॉ. सुनीता श्रीवास्तव, पूनम मिमरोट** और **शिवानी अड़सपुरकर** ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन **पंकज क्षीरसागर** ने किया एवं आभार वूमंस प्रेस क्लब की अध्यक्ष **शीतल राय** ने माना।
**खबर पर नजर परिवार** और **शैलेंद्र श्रीमाल “खुशी श्रीमाल”** की ओर से जनहित में जारी।
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