न्यूजीलैंड ने ग्रेहाउंड रेसिंग समाप्त कर दी, अब इसके प्रभावों का सामना करने का समय
वेलिंगटन – (रिपोर्टर)
खबर का सार
न्यूजीलैंड में ग्रेहाउंड रेसिंग का दौर आखिरकार समाप्त हो गया है। देश ने अपनी अंतिम ग्रेहाउंड रेस पूरी कर ली है, और अब सरकार ने इस खेल से जुड़े कुत्तों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और उन लोगों के लिए सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है जिनकी आजीविका इस उद्योग से जुड़ी थी।
घटना का विस्तार
ग्रेहाउंड रेसिंग की समाप्ति का फैसला लंबे समय से चल रही बहस और सार्वजनिक दबाव के बाद लिया गया था। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और आम जनता द्वारा इस खेल की नैतिकता पर सवाल उठाए जाने के कारण, सरकार ने इसे बंद करने का निर्णय लिया। इस खेल में इस्तेमाल होने वाले कुत्तों की संख्या हजारों में है, जिनमें से अधिकांश अब नए घरों को तलाश रहे हैं। इसके अलावा, रेसिंग उद्योग से जुड़े प्रशिक्षक, कर्मचारी और अन्य कर्मियों को भी आर्थिक रूप से सहायता पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
संबंधित बयान/प्रतिक्रिया
सरकार के एक अधिकारी ने कहा, “हम न केवल इन जानवरों का उचित देखभाल सुनिश्चित करना चाहते हैं, बल्कि उन लोगों के लिए भी उपाय तैयार कर रहे हैं जो इस उद्योग पर निर्भर हैं। हमें विश्वास है कि यह कदम सामाजिक रूप से सही है और इससे पशुओं के प्रति हमारा दायित्व पूरा होगा।” पशु अधिकार संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ग्रेहाउंड रेसिंग के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है।
अतिरिक्त जानकारी या प्रभाव
इस फैसले के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों को देखते हुए सरकार ने एक विस्तृत योजना शुरू की है, जिसमें कुत्तों के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित करना और रेसिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण तथा नये रोजगार खोजने में मदद करना शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न्यूजीलैंड को पशु कल्याण के क्षेत्र में एक बेहतर उदाहरण बनाएगा। हालांकि, कुछ समुदायों में इस फैसले को लेकर चिंताएं भी हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जो लंबे वक्त से ग्रेहाउंड रेसिंग से जुड़े हैं और जिनकी आजीविका पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रभावित पक्षों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर होगा।
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