नई दिल्ली, दिल्ली
नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की इस बैठक पर भारत और रूस के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर है। बैठक में कारोबार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग सहित द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच गर्मजोशी भरा अभिवादन हुआ। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे को गले लगाया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल संत और महान कवि तिरुवल्लुवर की पुस्तक का रूसी संस्करण भेंट किया। यह भेंट दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की झलक भी पेश करती है।
भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंध हैं। रक्षा क्षेत्र दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार रहा है। इसके साथ ही ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है। ऐसे में बैठक के दौरान इन क्षेत्रों में मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य में संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर बातचीत हो सकती है।
ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर भी दोनों देशों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक हित महत्वपूर्ण विषय हैं। वहीं रक्षा क्षेत्र में सहयोग भारत-रूस संबंधों की पारंपरिक मजबूती को दर्शाता है।
11 देशों का समूह है BRICS
BRICS में अब 11 देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
BRICS का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना तथा वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करना है। भारत की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे विषयों को प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद है।










