Ganesh Visarjan 2026: आज घर-घर से विदा होंगे डेढ़ दिन वाले गणपति, जानिए शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम

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नई दिल्ली:
गणेश चतुर्थी के साथ घर-घर में विराजे भगवान गणेश अब अपने भक्तों से विदा होने लगे हैं। डेढ़ दिन वाले गणपति का विसर्जन आज यानी 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। गणेश भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करेंगे।

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया गया। इस दिन भक्तों ने अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की। कुछ भक्त परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन तक गणपति को विराजमान रखते हैं और इसके बाद अगले दिन विसर्जन करते हैं।

अगर आपके घर में भी डेढ़ दिन वाले गणपति विराजमान हैं, तो आज विसर्जन से पहले शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि से जुड़े जरूरी नियमों को जानना बेहद महत्वपूर्ण है।

Highlights

  • 15 सितंबर 2026 को डेढ़ दिन वाले गणपति का विसर्जन किया जाएगा।
  • विसर्जन के लिए प्रातः, अपराह्न, सायाह्न और रात्रि में शुभ समय बताए गए हैं।
  • विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधिवत पूजा और आरती करें।
  • स्नान करके साफ और सात्विक कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
  • विसर्जन के दौरान काले वस्त्र और तामसिक भोजन से बचने की सलाह दी जाती है।

आज क्यों किया जाता है डेढ़ दिन वाले गणपति का विसर्जन?

गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की स्थापना के बाद अलग-अलग परिवार अपनी परंपरा और मान्यता के अनुसार गणपति को अलग-अलग दिनों तक विराजमान रखते हैं।

कुछ लोग डेढ़ दिन, जबकि कुछ तीन, पांच, सात, दस या उससे अधिक दिनों तक गणपति की पूजा करते हैं। डेढ़ दिन की परंपरा में चतुर्थी के दिन स्थापना के बाद अगले दिन भगवान गणेश का विसर्जन किया जाता है।

इसी वजह से 15 सितंबर को डेढ़ दिन वाले गणपति विसर्जन के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

विसर्जन से पहले करें भगवान गणेश की विशेष पूजा

गणपति विसर्जन को केवल प्रतिमा को जल में प्रवाहित करने की प्रक्रिया नहीं माना जाता, बल्कि इसे भगवान गणेश को सम्मानपूर्वक विदाई देने के रूप में देखा जाता है।

विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें। उन्हें फूल, दूर्वा, मोदक और अन्य प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद गणेश जी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

पूजा के दौरान परिवार के सभी सदस्य श्रद्धा के साथ भगवान गणेश से प्रार्थना कर सकते हैं।

विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त

डेढ़ दिन वाले गणपति के विसर्जन के लिए दिन के अलग-अलग समय में शुभ मुहूर्त देखे जाते हैं। अपने स्थानीय शहर के पंचांग के अनुसार मुहूर्त का चयन करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि शुभ समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

विसर्जन के लिए सामान्य तौर पर ये समय-खंड देखे जाते हैं:

  • प्रातः काल
  • अपराह्न काल
  • सायाह्न काल
  • रात्रि काल

यदि परिवार में कोई विशेष परंपरा या स्थानीय पंचांग का पालन किया जाता है, तो उसी के अनुसार विसर्जन का समय तय करें।

विसर्जन से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

गणपति विसर्जन के दिन कुछ धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन करने की सलाह दी जाती है।

1. स्नान करके साफ कपड़े पहनें

विसर्जन से पहले स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें। पूजा और विसर्जन के दौरान शरीर और मन की शुद्धता का विशेष महत्व माना जाता है।

2. सात्विक भोजन करें

इस दिन तामसिक भोजन से बचने और सात्विक आहार ग्रहण करने की परंपरा है। शराब, मांसाहार आदि से दूरी रखने की सलाह दी जाती है।

3. काले कपड़े पहनने से बचें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति पूजा और विसर्जन के दौरान काले वस्त्रों से बचने की सलाह दी जाती है। भक्त साफ और शुभ रंग के कपड़े पहनकर विसर्जन में शामिल हो सकते हैं।

4. गणपति की आरती जरूर करें

प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाने से पहले भगवान गणेश की आरती करें। परिवार के सभी सदस्य मिलकर गणपति बप्पा से आशीर्वाद लें।

5. प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जित करें

गणेश प्रतिमा को जल्दबाजी में न विसर्जित करें। पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ गणपति बप्पा को विदाई दें।

गणपति विसर्जन के दौरान क्या बोलें?

विसर्जन के दौरान भक्त भगवान गणेश का जयघोष करते हुए ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ बोलते हैं। यह जयघोष गणपति की विदाई के साथ अगले वर्ष फिर उनके आगमन की कामना का प्रतीक माना जाता है।

पर्यावरण का भी रखें ध्यान

गणेश विसर्जन के दौरान पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। संभव हो तो प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा का इस्तेमाल करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थल या कृत्रिम विसर्जन कुंड का ही उपयोग करें।

फूल, प्लास्टिक, सजावटी सामग्री और अन्य गैर-घुलनशील वस्तुओं को जल में न डालें। पूजा सामग्री को अलग से निर्धारित स्थान पर रखने की कोशिश करें।

अगले बरस फिर आएंगे गणपति

गणपति विसर्जन भले ही भगवान गणेश की विदाई का अवसर हो, लेकिन भक्तों के लिए यह अगले वर्ष उनके दोबारा आगमन की उम्मीद भी लेकर आता है। डेढ़ दिन तक घर में विराजमान रहे गणपति बप्पा को भक्त आज श्रद्धा और भावनाओं के साथ विदाई देंगे।

गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ!

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Author: KPN News

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