आदिलाबाद, तेलंगाना
तेलंगाना के राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में सोमवार देर रात हुई आग की घटना ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। अस्पताल के स्पेशल नियोनेटल केयर यूनिट में आग लगने से तीन नवजात बच्चियों की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मृत बच्चों के परिजन बदहवास नजर आए।
हादसे में एम. फासिल की महज पांच दिन की बेटी की भी मौत हो गई। नवजात बच्ची को इलाज के लिए रिम्स के स्पेशल नियोनेटल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था। परिवार के लिए यह समय पहले से ही बेहद कठिन था, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनकी बच्ची स्वस्थ होकर घर लौटेगी। सोमवार रात हुई घटना ने इस उम्मीद को मातम में बदल दिया।
बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद फासिल अस्पताल पहुंचे। जब उन्होंने अपनी नवजात बच्ची का शव देखा तो वह फूट-फूटकर रोने लगे। कुछ ही दिन पहले जिस बच्ची को उन्होंने उम्मीद और खुशी के साथ अस्पताल में भर्ती कराया था, उसे इस हालत में देखना उनके लिए असहनीय था। इसी दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा, “मैं अपनी पत्नी को क्या जवाब दूंगा।”
फासिल का यह सवाल केवल एक पिता के दर्द को नहीं, बल्कि उस परिवार की टूट चुकी उम्मीद को भी सामने लाता है। बच्ची की मौत के बाद परिवार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अस्पताल में ऐसी घटना कैसे हुई और उनकी मासूम बच्ची की जान क्यों नहीं बचाई जा सकी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अस्पताल की एयर कंडीशनिंग यूनिट में जोरदार विस्फोट हुआ था। इसके बाद आग फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए।
घटना में तीन नवजात बच्चियों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद उनके परिवारों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन बच्चों के बेहतर इलाज और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद की जा रही थी, उनकी मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मृत बच्चियों के परिजनों ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि आग लगने के कारणों की पूरी जांच हो और घटना के लिए यदि किसी की लापरवाही जिम्मेदार पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
हादसे ने अस्पतालों में अग्निसुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर नियोनेटल केयर यूनिट जैसे संवेदनशील स्थानों पर आग लगने की स्थिति में नवजातों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त और प्रभावी व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
रिम्स में हुई इस घटना ने न केवल तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं, बल्कि अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जरूरत को भी सामने ला दिया है। अब मृत बच्चियों के परिवार घटना की सच्चाई सामने आने और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।









