यूपी 69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में ‘दोहरे आरक्षण’ पर बहस, सामान्य वर्ग के शिक्षकों ने रखी अपनी दलील

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली, दिल्ली

उत्तर प्रदेश की 69000 सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहा कानूनी विवाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान फिर सामने आया। नौकरी कर रहे सामान्य वर्ग के शिक्षकों की ओर से वरिष्ठ वकील शोभा गुप्ता ने दलीलें रखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ के 13 अगस्त 2024 के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों का चयन नियमानुसार हुआ है और हाई कोर्ट का आदेश लागू होने पर कई कार्यरत शिक्षकों की नौकरी प्रभावित हो सकती है।

सुनवाई के दौरान सामान्य वर्ग के शिक्षकों की ओर से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को मिले लाभ को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। वरिष्ठ वकील ने आरोप लगाया कि आरक्षित वर्ग ने आरक्षण का दोहरा लाभ लिया है। उनकी दलील थी कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को टीईटी परीक्षा में आयु सीमा, परीक्षा शुल्क और पासिंग अंक समेत कई तरह की छूट पहले ही मिल चुकी थी।

इसके बाद सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में भी आरक्षित वर्ग को छूट का लाभ मिलने की बात अदालत के सामने रखी गई। सामान्य वर्ग की ओर से कहा गया कि यह केवल रिलैक्सेशन नहीं है, बल्कि आरक्षण का लाभ है। इसी आधार पर चयन प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर सामान्य वर्ग के शिक्षकों ने अपना पक्ष रखा।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारियों की पीठ कर रही है। शीर्ष अदालत इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ के फैसले को चुनौती देने वाली नौकरी कर रहे अनारक्षित वर्ग के शिक्षकों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ ने 13 अगस्त 2024 को 69000 सहायक शिक्षक भर्ती की चयन सूची रद्द कर दी थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को तीन महीने के भीतर नई मेरिट सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने कहा था कि नई सूची बनाते समय बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 और आरक्षण नियमावली 1994 में निर्धारित प्रावधानों का पालन किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अब शीर्ष अदालत में मामले की मेरिट पर बहस हो रही है।

इस मामले में सामान्य वर्ग के नौकरी कर रहे शिक्षकों के अलावा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने भी हस्तक्षेप अर्जी दाखिल कर रखी है। मंगलवार को सामान्य वर्ग की ओर से वरिष्ठ वकील शोभा गुप्ता ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े घटनाक्रम और एकल पीठ तथा खंडपीठ के फैसलों का सिलसिलेवार ब्योरा अदालत के सामने रखा।

उन्होंने यह भी दलील दी कि हाई कोर्ट का आदेश लागू होने की स्थिति में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है, जो वर्तमान में सेवा में हैं।

मामले में बुधवार को भी बहस जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर अब भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों और शिक्षकों की नजर बनी हुई है।

KPN News
Author: KPN News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें