Mumbai, Maharashtra
महाराष्ट्र में त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासन ने 28 से 30 सितंबर के बीच किए गए निरीक्षण के बाद 31 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, इन प्रतिष्ठानों में मुंबई डिवीजन के 12, कोंकण डिवीजन के 12, पुणे डिवीजन के छह और छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन का एक प्रतिष्ठान शामिल है।
प्रशासन की टीमों ने इस अवधि में होटलों, रेस्तरां, ढाबों, क्लबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों के पालन की स्थिति देखना था। निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की कमियां सामने आईं।
कुछ प्रतिष्ठानों में कीड़ों का संक्रमण पाया गया। इसके अलावा खाद्य पदार्थों के भंडारण और रख-रखाव में भी नियमों का पालन नहीं किया गया था। खाद्य पदार्थों को सही तरीके से रखने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की गई। कई प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा से संबंधित अनिवार्य रिकॉर्ड का रखरखाव भी नहीं किया जा रहा था।
प्रशासन ने इन सभी कमियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन माना और संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की।
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की खपत और बिक्री बढ़ जाती है। होटल, रेस्तरां, ढाबे और क्लब जैसे प्रतिष्ठानों में इस दौरान ग्राहकों की संख्या भी बढ़ती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और साफ-सफाई का महत्व और बढ़ जाता है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई में चार डिवीजन शामिल रहे। मुंबई और कोंकण डिवीजन से 12-12 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि पुणे डिवीजन के छह और छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन के एक प्रतिष्ठान पर कार्रवाई हुई।
प्रशासन के निरीक्षण में सामने आई कमियों में कीड़ों का संक्रमण, खाद्य पदार्थों का गलत तरीके से भंडारण और रख-रखाव, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड का नहीं होना तथा अनिवार्य खाद्य सुरक्षा रिकॉर्ड का अभाव शामिल है।
28 से 30 सितंबर के बीच की गई कार्रवाई में कुल 31 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। इससे खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर प्रशासन की सख्ती सामने आई है।










