श्रावस्ती के मोहमदापुर गांव में बिजली सप्लाई बहाल करने के दौरान एक बड़ी हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। 6 अक्टूबर की दोपहर करीब 2 बजे, जब बिजली विभाग की टीम 11 हजार वोल्ट की लाइनों पर पोल स्थापित कर रही थी, तब अचानक करंट दौड़ने से दो ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले में बिजली विभाग के SDO, JE और लाइनमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे की वजह शटडाउन में गड़बड़ी
बताया गया है कि पोल लगाने से पहले बिजली लाइन का शटडाउन लिया गया था, जिससे काम सुरक्षित रूप से किया जा सके। हालांकि, हादसे के वक्त इसी लाइन में अचानक करंट आ गया। इसके कारण दो ग्रामीण, जो पोल लगाने में सहायता कर रहे थे, करंट की चपेट में आ गए। उन्होंने तुरंत अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने आसपास के गांव में भारी आक्रोश और चिंता फैला दी है।
परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी और इसे लापरवाही का मामला बताया। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने माना कि शटडाउन की जानकारी होने के बावजूद जांच में पता चला कि किसी तकनीकी दिक्कत या गलतफहमी के चलते लाइन में करंट बह रहा था। यही कारण रहा कि हादसा इतना गंभीर हुआ।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना के बाद जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी तेजी से घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर सांत्वना दी। प्रशासन ने आर्थिक स्थिति को देखते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। दुर्घटना के तुरंत बाद सुरक्षा निदेशालय की टीम भी जांच के लिए पहुंची और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई।
मुआवजे की प्रक्रिया भी तत्काल प्रारंभ कर दी गई है। विद्युत विभाग ने पीड़ित परिवारों को वित्तीय सहायता देने के लिए आवश्यक कागजात भेजे हैं। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द मुआवजा जारी होगा।
पुलिस मामले की गंभीरता देखते हुए जल्द जांच रिपोर्ट पेश करेगी, जिसका आधार लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से बिजली विभाग और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने इस हादसे को विभाग की लापरवाही बताया और सुरक्षा के स्तर को बेहतर करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। स्थानिय प्रशासन से भी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की अपेक्षा जताई गई है।
शटडाउन और लाइन की सुरक्षा पर होने वाली इस बड़ी चूक ने ग्रामीणों के बीच असमंजस पैदा कर दिया है। बिजली विभाग की ओर से अब इस मामले में कड़ी जांच और सुधारात्मक कदमों की घोषणा की गई है।
यह हादसा एक बार फिर से बिजली के काम के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल की अहमियत को उजागर करता है, जिससे भविष्य में ऐसे दुखद घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन और विभाग दोनों ही मामले की शिनाख्त कर जिम्मेदारी तय करेंगे।










