आम्रपाली ग्रुप पर ED की कार्रवाई, महारानी बाग में ₹54 करोड़ की संपत्ति कुर्क

आम्रपाली ग्रुप पर ED की कार्रवाई, महारानी बाग में ₹54 करोड़ की संपत्ति कुर्क

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के पॉश महारानी बाग इलाके में आम्रपाली ग्रुप की 54.71 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति को कुर्क कर दिया है। यह कार्रवाई धनशोधन की जांच के तहत की गई है जो समूह पर घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ी है। मामला मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत दर्ज है और यह 18 एफआईआर से संबंधित है।

घर खरीदारों के अधिकारों की रक्षा हेतु कार्रवाई

आरोप है कि आम्रपाली ग्रुप ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई आवासीय परियोजनाएं शुरू कीं, जिनमें फ्लैट 36 महीने के अंदर देने और सुनिश्चित रिटर्न का वादा कर भारी राशि जुटाई गई। हालांकि, ये परियोजनाएं पूरी नहीं हो सकीं और घर खरीदारों को न तो फ्लैट का कब्जा मिला और न ही उनकी रकम वापस की गई।

ईडी की जांच में पाया गया कि समूह ने खरीदारों से मिली राशि 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की रकम को मुखौटा कंपनियों तथा ग्रुप की अन्य कंपनियों में ट्रांसफर किया। निदेशकों ने पेशेवर शुल्क के नाम पर भी इस रकम की हेराफेरी की है।

54.71 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ईडी ने बताया कि इस रकम का एक बड़ा हिस्सा प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा और उनके परिवार के सदस्यों के माध्यम से दिल्ली की सुरभी एडवरटाइजिंग को ऋण के तौर पर दिया गया। इसी रकम का उपयोग महारानी बाग की संबंधित संपत्ति के लिए हुआ, जिसे अपराध से अर्जित आय मानते हुए कुर्क किया गया है।

ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने यह कार्रवाई की और इस संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। कंपनी की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज 18 एफआईआर से जुड़ा है, जो आम्रपाली ग्रुप और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और धनशोधन की जांच कर रही हैं।

आर्थिक अपराध शाखा और ईडी के संयुक्त प्रयास से यह कार्रवाई संभव हुई है, जो उपभोक्ताओं के हक की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण ठहरती है।

यह घटनाक्रम आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, ताकि आवासीय परियोजनाओं में निवेश करने वाले ग्राहकों को असमय नुकसान से बचाया जा सके।

अतः यह कुर्की कार्रवाई धोखाधड़ी के खिलाफ सख्ती और कानून व्यवस्था के पालन के संकेत के रूप में देखी जा रही है, जो उपभोक्ताओं के हित में एक बड़ा कदम है।

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KPN News
Author: KPN News

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