नई दिल्ली: इस वर्ष अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों की पहली बैच की सेवा समाप्त हो रही है और सेना से बाहर निकलने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए नौकरी का इंतजाम किया जा रहा है। गृह मंत्रालय इस प्रक्रिया को संभाल रहा है ताकि हर अग्निवीर को बाहर निकलने के बाद रोजगार मिल सके।
अग्निवीरों की सूचियां गृह मंत्रालय को भेजे जाएंगे
एयरफोर्स के वयोपक अग्निवीर 21 दिसंबर को अपने कार्यकाल पूर्ण कर सेवा से बाहर निकलेंगे, जबकि आर्मी के पहले बैच के अग्निवीर 31 दिसंबर को बाहर होंगे। एयरफोर्स से बाहर निकलने वाले अग्निवीरों को नवंबर के पहले हफ्ते में सूचित कर दिया जाएगा कि कौन से 25 प्रतिशत अग्निवीर सेवामें रहेंगे। आर्मी के लिए भी इसी प्रकार 15 नवंबर के आसपास सूचना दे दी जाएगी।
सेना में बने रहने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ऑफर दिए जाएंगे। जो अग्निवीर बाहर होंगे, उनकी लिस्ट गृह मंत्रालय को भेज दी जाएगी ताकि उनके लिए नई रोजगार योजनाएं शुरू की जा सकें।
सेना में बनी मेरिट के आधार पर अग्निवीरों को नौकरी
गृह मंत्रालय ने बाहर होने वाले अग्निवीरों के लिए एक पोर्टल तैयार किया है, जहां वे दूसरी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत उन्हें सेना में सेवा के दौरान बनी मेरिट के आधार पर ही नौकरी दी जाएगी। यह प्रक्रिया कोई अतिरिक्त लिखित परीक्षा या फिजिकल टेस्ट के बिना होगी।
परामिट्री, पुलिस या अन्य विभागों में नियुक्ति के लिए अग्निवीरों की मेरिट लिस्ट का उपयोग किया जाएगा। मंत्रालय ने इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया है।
अभी तक 12 राज्यों ने अग्निवीरों को रोजगार प्रदान करने की घोषणा की है। इस पहल से सेना से बाहर आने वाले जवानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
सरकार का प्रयास है कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए जवानों को उनके भविष्य के लिए मजबूत रोजगार के अवसर मिले ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण अच्छे से कर सकें। ये कदम अग्निवीरों के सम्मान और उनके सामाजिक-सामाजिक पुनर्वास के लिए महत्त्वपूर्ण साबित होंगे।
इस पूरे प्रक्रिया से यह स्पष्ट है कि अग्निपथ योजना के तहत सेना की सेवा समाप्ति के बाद अग्निवीरों के लिए नौकरी सुनिश्चित कर दी जाएगी, जो उनकी मेरिट पर आधारित होगी और इसे गृह मंत्रालय ठोस रूप से आगे बढ़ा रहा है।
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