नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ा मामला केवल एक बहाना है, जबकि असली समस्या मौजूदा सरकार की जिम्मेदारियों को निभाने में नाकामी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर विपक्ष अपना दबाव लगातार कुछ दिन और बनाकर रखता है, तो सरकार जल्द ही गिर जाएगी।
विपक्ष का संयुक्त प्रतिकार
राहुल गांधी ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष के विरोध प्रदर्शन ने सरकार की नींव हिला दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त का मामला इससे कहीं अधिक गंभीर है और मौजूदा सरकार को हटाना आवश्यक है। उन्होंने इसे ऐसी लड़ाई बताया, जिसमें संघर्ष करना और अपनी जान तक देना सार्थक होगा।
उन्होंने ज्ञानेश कुमार को केवल ‘सेवा प्रदाता’ बताया और कहा कि उन्होंने जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों से मिलने से इनकार कर दिया, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। राहुल गांधी ने कहा, “अगर हम पिछले तीन-चार दिनों की तरह दबाव बरकरार रखें, तो मैं गारंटी देता हूं कि यह सरकार गिर जाएगी।”
राष्ट्रपति से विपक्षी नेताओं की बैठक
विपक्षी गठबंधन के कई शीर्ष नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर देश में कथित चुनावी धांधली पर मुद्दा उठाया। इस बैठक में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के राजीव राय समेत दस नेता शामिल थे।
नेताओं ने राष्ट्रपति को अपने आरोपों का ज्ञापन सौंपा और बताया कि उन्होंने वोट चोरी के आरोपों के सबूत भी राष्ट्रपति को उपलब्ध कराएंगे। विपक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं किया और इस मामले की जांच के लिए जरूरत पड़ने पर सबूत मांगने की बात कही।
राहुल गांधी के इस दावे के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि वे देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आए हैं और वे इस लड़ाई को लगातार जारी रखेंगे। दूसरी ओर, सरकार ने अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चुनाव आयुक्त के मुद्दे ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया है और इस पर विपक्ष का रुख स्पष्ट है कि वे सरकार के खिलाफ कड़ा संघर्ष करेंगे। इस बहस में अब राष्ट्रपति की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।
आगे की योजनाओं के बारे में राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेता लगातार रणनीति बना रहे हैं ताकि सरकार के खिलाफ असरदार आंदोलन चलाया जा सके। इस बीच, जनता की नजरें इस राजनीतिक गतिरोध पर टिकी हुई हैं, जो देश में बड़ी राजनीतिक हलचल का संकेत दे रहा है।










