कनाडा में कड़े इमिग्रेशन नियम, ₹10 करोड़ तक जुर्माना, भारतीय ध्यान दें

कनाडा में कड़े इमिग्रेशन नियम, ₹10 करोड़ तक जुर्माना, भारतीय ध्यान दें

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कनाडा ने इमिग्रेशन से जुड़ी सलाह देने वालों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब बिना इजाजत इमिग्रेशन और नागरिकता सेवा देने पर 1.5 मिलियन कनाडाई डॉलर (लगभग ₹10 करोड़) तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम खासकर उन वर्कर्स, स्टूडेंट्स और भारतीयों के लिए लागू है जो सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सलाह देते हैं।

मजबूत नियम लागू

फ्रेगोमैन की रिपोर्ट के अनुसार, नए नियम पहले ही प्रभावी हो गए हैं। ये नियम उन सभी पर लागू होंगे जो फीस लेकर इमिग्रेशन या नागरिकता सेवाएं देते हैं, चाहे वे ऑथराइज्ड हो या नहीं। इसमें कनाडा के बाहर से काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीस एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) जल्द ही एक सार्वजनिक रजिस्ट्री भी जारी करेगा, जिसमें जुर्माना भुगतने वालों के नाम और विवरण प्रकाशित होंगे।

नए नियमों के मुख्य बिंदु

  • बिना अनुमति के फीस लेकर सलाह या प्रतिनिधित्व करने वालों पर 5000 कनाडाई डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • जो लोग झूठी या भ्रामक जानकारी देने या जमा करने में मदद करते हैं, उन्हें 15,000 कनाडाई डॉलर तक जुर्माना देना पड़ सकता है।
  • झूठी जानकारियों पर मंजूर इमिग्रेशन एप्लिकेशन पर अतिरिक्त पेनाल्टी भी लग सकती है। कुल जुर्माना 1.5 मिलियन कनाडाई डॉलर तक हो सकता है।
  • नियमों में लाइसेंसधारी कंसल्टेंट्स, वकील और अन्य ऑथराइज्ड प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
  • बिना इजाजत सलाह देने वाले सभी लोग इस नियम के दायरे में आते हैं।

कंपनी और वर्कर्स के लिए असर

जो कंपनियां स्वयं इमिग्रेशन प्रक्रिया संभालती हैं, उन्हें अपनी टीम की गतिविधियों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्हें जांच करनी होगी कि उनकी टीम में कोई ऑथराइज्ड प्रतिनिधि है या नहीं। यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति के सलाह देता है या प्रतिनिधित्व करता है और फीस लेता है, तो उसे जुर्माना देने के साथ-साथ उल्लंघन की जानकारी सार्वजनिक भी हो सकती है।

कंपनी और विदेशी नागरिकों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपने इमिग्रेशन प्रतिनिधियों के लाइसेंस और अधिकारों की पुष्टि करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आवेदन में दी गई सभी जानकारियां सही और सटीक हों।

कनाडा में नए इमिग्रेशन नियमों का उद्देश्य इमिग्रेशन सेवा में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। इस बदलाव से उन लोगों को कड़ी सजा मिलेगी जो नियमों का उल्लंघन करते हैं, खासकर भारतीय वर्कर्स और स्टूडेंट्स जिन्हें इस क्षेत्र में एक्टिव रहना पड़ता है।

उम्मीद है कि यह कदम विदेशियों और कंपनियों दोनों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगा। साथ ही इससे झूठी और भ्रामक सूचनाओं को फैलने से भी रोका जा सकेगा।

Source

KPN News
Author: KPN News

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