कनाडा ने अमेरिका पर लगाया जवाबी टैरिफ, 50 प्रतिशत तक शुल्क मंगलवार रात से लागू

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ओटावा, कनाडा

ओटावा। अमेरिका की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ के जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लागू कर दिया है। कनाडा के नए टैरिफ मंगलवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो गए। अलग-अलग अमेरिकी वस्तुओं पर 15 से 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाया गया है। इस फैसले के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से जारी व्यापार तनाव और बढ़ने की आशंका है।

कनाडा के जवाबी टैरिफ के दायरे में अमेरिका से आयात होने वाला करीब 20 अरब डॉलर का सामान शामिल है। इनमें स्टील, फर्नीचर, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई तरह के उत्पाद शामिल हैं। कनाडा सरकार ने यह कदम अमेरिका की ओर से पिछले महीने कनाडाई सामान पर लगाए गए 50 प्रतिशत तक के टैरिफ के जवाब में उठाया है।

दोनों देशों के बीच व्यापार विवाद को सुलझाने के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। बातचीत विफल रहने के बाद अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया था। इसके बाद कनाडा ने भी जवाबी कार्रवाई का फैसला किया।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने टैरिफ लागू होने के बाद मंगलवार को जारी एक वीडियो संदेश में सरकार के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कदम कनाडा के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक था। कार्नी ने कहा कि देश के पास आगे बढ़ने और आर्थिक प्रगति करने के लिए जरूरी संसाधन और क्षमता मौजूद है।

प्रधानमंत्री कार्नी ने अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा को मौजूदा परिस्थितियों में एक तरह से ‘युद्ध की स्थिति’ में बताया। उन्होंने कहा कि इस बदलाव की एक कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन उनके अनुसार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने की कीमत इससे कहीं अधिक हो सकती है।

कार्नी ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी कदम की कोई न कोई कीमत होती है। उन्होंने संकेत दिया कि कनाडा सरकार अमेरिकी व्यापारिक दबाव के सामने पीछे हटने के बजाय अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

कनाडा सरकार के एक सूत्र के मुताबिक, फिलहाल दोनों देशों के बीच मंत्रियों या वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के स्तर पर कोई बातचीत नहीं चल रही है। कनाडा के अधिकारियों का कहना है कि जवाबी टैरिफ का उद्देश्य अमेरिका पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाना है, ताकि व्यापार विवाद को लेकर आगे बातचीत का रास्ता तैयार हो सके।

इस व्यापार विवाद का असर केवल दोनों देशों के व्यापार तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। अमेरिकी बाजार पर कनाडा की निर्भरता और दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों को देखते हुए कंपनियों और उपभोक्ताओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।

कनाडा को उम्मीद है कि अमेरिकी टैरिफ का राजनीतिक असर भी सामने आएगा। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले मिशिगन और ओहियो जैसे प्रतिस्पर्धी राज्यों में कारोबार पर पड़ने वाला असर इस विवाद को अमेरिकी राजनीति में भी महत्वपूर्ण मुद्दा बना सकता है।

दोनों देशों के बीच बढ़ते टैरिफ से उत्तरी अमेरिका की आपूर्ति श्रृंखला और व्यापारिक संबंधों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों सरकारों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होती है या व्यापार तनाव और बढ़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

KPN News
Author: KPN News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें