कई महिलाओं को पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट में दर्द, सूजन और संवेदनशीलता जैसी समस्याएं होती हैं। इसे साइक्लिकल ब्रेस्ट पेन या मैस्टालजिया कहा जाता है। यह आमतौर पर मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण होता है और प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम का एक हिस्सा माना जाता है। यह दर्द पीरियड्स से एक या दो सप्ताह पहले शुरू होकर पीरियड शुरू होते ही कम हो जाता है।
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का ब्रेस्ट टिशू पर प्रभाव
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान बदलते रहते हैं और ये हार्मोन ब्रेस्ट टिशू को प्रभावित करते हैं। हार्मोन स्तर में बदलाव से ब्रेस्ट के मिल्क डक्ट और ग्लैंड्यूलर टिशू में बदलाव हो सकते हैं जिससे संवेदनशीलता और दर्द की स्थिति उत्पन्न होती है। मायो क्लिनिक के अनुसार, ये हार्मोन बदलने से कभी-कभी सिस्ट भी बन सकती हैं।
इसके बावजूद, हर महिला में इन हार्मोन में बदलाव के कारण दर्द का स्तर अलग होता है। केवल एस्ट्रोजन बढ़ने या प्रोजेस्टेरोन कम होने से ब्रेस्ट पेन सटीक कारण नहीं माना जा सकता। हार्मोनल असंतुलन के प्रति ब्रेस्ट की संवेदनशीलता में भी भूमिका हो सकती है।
पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट में सूजन और दर्द क्यों होता है?
पीरियड्स से पहले कुछ महिलाओं को ब्रेस्ट में भारीपन, सूजन और दर्द महसूस होता है जो हार्मोन संबंधी बदलावों के कारण होता है। बाहर के हिस्से में दर्द अधिक हो सकता है और कभी-कभी दर्द बगल तक भी फैल सकता है। कपड़े और ब्रा के दबाव से यह असहजता बढ़ सकती है। यह दर्द तब कम हो जाता है जब पीरियड्स शुरू होते हैं।
एनसीबीआई के अनुसार साइक्लिक ब्रेस्ट पेन के साथ सूजन, भारीपन और गांठ जैसी शिकायतें हो सकती हैं। यदि सूजन लगातार बनी रहे या त्वचा में बदलाव दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सीय सलाह लेनी जरूरी है।
दोनों ब्रेस्ट में दर्द आमतौर पर साइक्लिकल ब्रेस्ट पेन का सामान्य लक्षण है। दर्द की तीव्रता दोनों ब्रेस्ट में भिन्न हो सकती है। अगर दर्द किसी एक ब्रेस्ट में लगातार होता है या सामान्य मेंस्ट्रुअल साइकिल से अलग होता है, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित होता है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार, साइक्लिकल ब्रेस्ट पेन हार्मोनल बदलावों से जुड़ा होता है जबकि नॉन-साइक्लिकल पेन का संबंध जरूरी नहीं हो। यह ध्यान देना जरूरी है कि इस प्रकार का दर्द आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर का संकेत नहीं होता।
यदि ब्रेस्ट में नई गांठ, निप्पल से खून जैसा डिस्चार्ज या त्वचा में बदलाव हो, तो तत्काल मेडिकल जांच आवश्यक है। सही ब्रा का उपयोग, हल्की एक्सरसाइज और गर्म या ठंडी सिकाई से पीरियड्स से पहले होने वाले ब्रेस्ट दर्द में आराम मिल सकता है।
पीरियड्स के करीब दो सप्ताह पहले से शुरू होने वाला यह दर्द हार्मोनल बदलावों के कारण होता है और पीरियड खत्म होने के बाद स्वतः ठीक हो जाता है। लगातार या असामान्य दर्द में डॉक्टरी सलाह लेना महत्वपूर्ण है।









