अमेरिका में भारतीय 3 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स, मिडटर्म चुनाव पर नजर

अमेरिका में भारतीय 3 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स, मिडटर्म चुनाव पर नजर

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अमेरिका में हो रहे मिडटर्म चुनाव का असर भारतीय स्टूडेंट्स सहित विदेशी छात्रों पर पड़ सकता है। ये चुनाव इस बात का फैसला कर सकते हैं कि भारतीय छात्रों को अमेरिका में कितनी अवधि तक रहना मंजूर होगा, पढ़ाई बढ़ाने के लिए समय मिलेगा या नहीं और क्या वे देश में ग्रेजुएशन के बाद काम कर पाएंगे।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस (D/S) के मौजूदा नियम में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। नई नीति के तहत स्टूडेंट्स को वीजा एक्सटेंशन लेने की आवश्यकता होगी जब उनका कोर्स निर्धारित समय से लंबा हो। फिलहाल भारत अमेरिका में विदेशी छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत है, यहां 3 लाख से ज्यादा भारतीय पढ़ रहे हैं।

भारतियों के नंबर क्या दर्शाते हैं?

  • SEVIS के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में 3,66,258 सक्रिय भारतीय छात्र थे, जो अक्टूबर 2026 में घटकर 3,16,893 हो गए।
  • मास्टर्स स्तर के छात्रों की संख्या में करीब 20% की गिरावट आई है।
  • पीएचडी कर रहे भारतीय छात्रों की संख्या में 45.9% की बढ़ोतरी हुई है, जो 28,609 से बढ़कर 41,729 हो गई।
  • IIE की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका में नए विदेशी छात्र एडमिशन 17% कम हुए हैं।
  • OPT पर काम करने वाले विदेशी छात्रों की संख्या 14% बढ़ी है, जिसमें भारतीय स्टूडेंट्स आगे हैं।

अमेरिका में स्टूडेंट्स के लिए वीजा सिस्टम में बदलाव

ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस की मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, F-1 वीजा पर पढ़ाई करने वाले छात्र तब तक अमेरिका में रह सकते हैं जब तक उनका अकादमिक प्रोग्राम चलता है। उन्हें फिक्स एक्सपायरी डेट नहीं दी जाती।

DHS ने 17 जुलाई को फाइनल नियम जारी किया, जिसमें D/S सिस्टम को निर्धारित अवधि में बदला जाना बताया गया। इसका मतलब है कि स्टूडेंट्स को उनके कोर्स की अवधि तक और अधिकतम 4 साल तक ही रहने की अनुमति मिलेगी। लंबा समय चाहिए तो वीजा एक्सटेंशन लेना होगा।

इस बदलाव से शोधकर्ता, कोर्स परिवर्तन करने वाले और अतिरिक्त समय लेने वाले छात्र प्रभावित होंगे। हालांकि, 14 सितंबर को एक फेडरल कोर्ट ने इसे लागू होने से रोका है, इसलिए फिलहाल मौजूदा सिस्टम ही लागू रहेगा।

भारतीय छात्रों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?

अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद, भारतीय छात्र OPT के माध्यम से नौकरी करते हैं। STEM फील्ड के छात्र 24 महीने अतिरिक्त OPT ले सकते हैं। OPT से H-1B वीजा पर जाना एक आम प्रक्रिया है, लेकिन इसके लिए कई शर्तें हैं। किसी भी तरह के नियम में बदलाव से उनकी नौकरी करने की योग्यता प्रभावित हो सकती है।

मिडटर्म चुनाव का D/S नियम पर असर

यह चुनाव अमेरिका में अगले दो सालों के लिए कांग्रेस का नियंत्रण तय करेगा। कांग्रेस इमिग्रेशन नियमों को मंजूरी देने या रोकने में अहम भूमिका निभाती है। सितंबर में डेमोक्रेटिक सांसदों ने DHS के नियम को रद्द करने के लिए ‘सीनेट जॉइंट रेजोल्यूशन 213’ पेश किया है लेकिन अभी इसे स्थायी रूप से नहीं रोका गया है।

चुनाव परिणामों के बाद संसद में सत्ता परिवर्तन से इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने या इसे रोकने का फैसला लिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए विधायी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फिलहाल D/S नियम पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

Source

KPN News
Author: KPN News

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