कर्ज, बेरोजगारी और बंद व्यापार: भोपाल में 5 मौतों की कहानी

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भोपाल में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत से सनसनी

भोपाल के मालीखेड़ी इलाके में एक परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई है। पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी में परिवार के घर में माता, पत्नी और दो बच्चों के शव मिले, जबकि मुखिया नरेंद्र साहू का शव रेलवे ट्रैक पर पाया गया। पुलिस प्रारंभिक जांच में यह आशंका जता रही है कि नरेंद्र ने पहले परिवार के चार सदस्यों की हत्या की और बाद में आत्महत्या की।

मृतकों की पहचान और पुलिस जांच

मृतकों की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र साहू, उनकी मां 50 वर्षीया सरस्वती साहू, पत्नी 29 वर्षीय सोमलता साहू, 10 वर्षीय बेटी कृति और 6 वर्षीय बेटे खुश के रूप में हुई। परिवार के मुखिया का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है। पुलिस के अनुसार, घर में मिले शवों के सिर और गले पर चोट के निशान देखे गए हैं। घटना के समय को रात या आधी रात के आसपास माना जा रहा है।

रिश्तेदार के सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा खोलकर शवों की जानकारी ली। परिवार के सदस्य फोन पर संपर्क में नहीं थे, जिससे थोड़ा संदेह हुआ। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और हर पहलू को देख रही है।

सीसीटीवी फुटेज और आर्थिक तंगी की जांच

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में नरेंद्र साहू को सुबह करीब 7:30 से 8 बजे के बीच घर से निकलते देखा गया। पुलिस इस फुटेज की विस्तृत जांच कर रही है। वहीं, नरेंद्र का शव सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिला है, जिसकी मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि उन्होंने घर से निकलने के बाद क्या रास्ता अपनाया।

डीसीपी आदर्श कांत शुक्ला के अनुसार, नरेंद्र आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में था। उनका परिवार पहले एक छोटा रेस्टोरेंट चलाता था, जो बंद हो चुका है। पिछले 15-20 दिनों से नरेंद्र कोई काम नहीं कर रहा था। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या इन आर्थिक मुश्किलों का इस घटना से कोई संबंध है।

पड़ोसियों ने बताया कि परिवार सामान्य और हंसमुख था। बच्चों की आवाजें अक्सर घर से सुनाई देती थीं, और उनका कहीं कोई विवाद नजर नहीं आता था। सोमलता ने घटना से एक दिन पहले मंदिर में सामान्य अंदाज में ‘राधे-राधे’ कहा था। पड़ोसी और रिश्तेदारों को किसी तरह की अनहोनी की कोई खबर नहीं थी।

परिवार पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी के B4 मकान में किराए पर रहता था। मकान मालिक रामसिंह ने बताया कि मकान पिछले साल सितंबर में सोमलता को 5 हजार रुपए महीने किराए पर दिया गया था। उसने बताया था कि उसके पति प्राइवेट नौकरी करते हैं और परिवार वहीं रहता है।

घटना से सदमे में पड़े परिवार के दामाद ने घर की हालत देखकर जोर-जोर से कहा, “सब खत्म हो गए।” जिसकी आवाज से आसपास के लोग भी घबरा गए। पुलिस मामले की सभी बारीकियों की जांच कर रही है, जैसे कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य।

अब तक पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की गहन जांच जारी है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि घटना से पहले घर में क्या हुआ था और नरेंद्र के बाद की गतिविधियां क्या थीं। कर्ज, आर्थिक तंगी तथा पारिवारिक स्थिति की भी वजहों की जांच हो रही है।

Source

KPN News
Author: KPN News

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