नई दिल्ली: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने पिछले 12 महीनों में किसी भी ऑपरेशन में एक भी जवान खोए बिना एक इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि बल के इतिहास में पिछले 47 सालों में पहली बार दर्ज हुई है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर साझा करते हुए कहा कि यह एक ऐसा ‘शून्य’ है जो बहुत कुछ कहता है।
47 साल में पहली बार बिना ऑपरेशनल मौत के पूरा साल
CRPF के महानिदेशक जीपी सिंह ने बताया कि अंतिम ऑपरेशनल मौत 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी। इसके बाद से लगातार 12 महीने तक किसी ऑपरेशन में CRPF के जवान की हानि नहीं हुई। यह रिकॉर्ड देश के सबसे खतरनाक सुरक्षा क्षेत्रों में तैनात बल की सुरक्षा और दक्षता का प्रमाण है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से लेकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय CRPF के जवानों ने इस दौरान बिना किसी हताहत के कार्य किया है, जो बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। बल ने अपने जवानों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती सावधानी और रणनीतियों पर जोर दिया है।
बेहतर प्रशिक्षण और तकनीक से सुरक्षा सुनिश्चित
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने बताया कि यह रिकॉर्ड बेहतर टैक्टिकल ट्रेनिंग और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल से संभव हुआ है। जवानों के पास अब बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट और सुरक्षित वाहन उपलब्ध हैं, जो खतरनाक ऑपरेशनों के दौरान उनकी सुरक्षा बढ़ाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि CRPF की कार्यप्रणाली में ऐसे बदलाव आए हैं, जिससे सैनिकों की सुरक्षा बेहतर हो पाई है। यह उपलब्धि सुरक्षा बलों के संगठनात्मक सुधार का भी संकेत देती है।
चुनौतीपूर्ण सुरक्षा परिदृश्य
CRPF की तैनाती जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित इलाकों में होती है, जहां वे लगातार आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। पूर्व DGP एसपी वैद ने ध्यान दिलाया कि भले ही हाल के 12 महीनों में कोई जीवन रक्तपात हुआ नहीं, लेकिन पहले के ऑपरेशन भारी बलिदान मांग चुके हैं।
देश के सबसे बड़े केंद्रीय पुलिस बल की भूमिका
CRPF के पास सामान्य बटालियन के साथ महिला बटालियन, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), कोबरा और VIP सुरक्षा इकाइयां भी शामिल हैं। इसके बावजूद, इतने बड़े बल का एक साल बिना ऑपरेशनल मौत के चलना बल की दक्षता और उन परिस्थितियों में सुधार की पुष्टि करता है जहां वे तैनात रहते हैं।
जवानों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
CRPF के इस रिकॉर्ड ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक उपकरण और बेहतर रणनीति जवानों की जान बचाने में सहायक हैं। प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया है, जिससे सुरक्षा बलों की चुनौतियों और उनकी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित हुआ है।
महत्वपूर्ण बिंदु
- CRPF ने 12 महीनों तक कोई ऑपरेशनल मौत नहीं दर्ज की।
- अंतिम ऑपरेशनल मौत 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी।
- बेहतर प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षण ने सुरक्षा बढ़ाई।
- प्रधानमंत्री मोदी ने इस रिकॉर्ड की सराहना की।
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