घटिया दवा मिलने पर तुरंत सस्पेंड होगा मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस: स्वास्थ्य मंत्रालय

घटिया दवा मिलने पर तुरंत सस्पेंड होगा मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस: स्वास्थ्य मंत्रालय

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नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4 नवंबर को एक प्रस्ताव जारी किया है जिसमें घटिया दवा मिलने पर दवा मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस तुरंत निलंबित करने का प्रावधान शामिल है। इस प्रस्ताव के तहत पांच महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानकों में कमी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

गुणवत्ता मानकों में कमी पर कड़ी कार्रवाई

प्रस्ताव में पांच मुख्य मानकों को शामिल किया गया है जिनमें सक्रिय औषधीय तत्व की मात्रा (Assay), दवा का शरीर में घुलने की क्षमता, अन्य पदार्थों की मौजूदगी, अशुद्धियां और स्टेरिलिटी शामिल हैं। यदि इन मानकों में दवा घटिया पाई जाती है तो सरकार संबंधित मैन्युफैक्चरर का लाइसेंस तत्काल निलंबित कर सकेगी। इसका उद्देश्य बाजार में खराब गुणवत्ता वाली दवाओं के उत्पादन और वितरण को रोकना है।

यह प्रावधान केंद्रीय लाइसेंस अनुमोदन प्राधिकरण या राज्य की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को कार्रवाई का अधिकार देता है। इससे दवा उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी को और कड़ा किया जाएगा।

नियामकीय प्रक्रियाओं में सुधार

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संशोधन का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए भी जारी किया है। गजट में ड्राफ्ट नियमों की नोटिफिकेशन के 30 दिनों के भीतर आम जनता और उद्योग से सुझाव मांगे गए हैं। सुझाव मिलने के बाद सरकार अंतिम निर्णय लेगी और उसके बाद ही नियम लागू होंगे।

प्रस्ताव में फॉर्म-13 में भी बदलाव का सुझाव दिया गया है जिससे दवा की खराब गुणवत्ता की रिपोर्ट DCGI, राज्य अथॉरिटी, दवा निर्माता और मार्केटर तक समय से पहुंच सकेगी। इससे नियामक कार्रवाई में समन्वय बेहतर होगा।

लाइसेंस निलंबन के बाद, निर्माता को रूट कॉज एनालिसिस करना होगा, यानी खराब गुणवत्ता की मूल वजह पता लगानी होगी। इसके बाद सुधारात्मक और रोकथाम संबंधी कदम उठाकर लाइसेंसिंग अथॉरिटी को सूचित करना होगा।

जब तक लाइसेंसिंग अथॉरिटी यह न देख ले कि सुधार पर्याप्त हैं, तब तक लाइसेंस वापस नहीं मिलेगा। यह प्रक्रिया दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को उच्च स्तर पर बनाए रखने में मदद करेगी।

वर्तमान नियमों के तहत घटिया दवा मिलने पर ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जाता है जिससे कार्रवाई में देरी होती है। नए नियम लागू होने पर यह प्रक्रिया तेज होगी और घटिया दवाओं का उत्पादन रोकने में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा यह कदम दवा उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण को सुधारने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे दवा निर्माता जिम्मेदारी से काम करने के लिए प्रेरित होंगे। प्रस्तावित संशोधन दवा सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।

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KPN News
Author: KPN News

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