एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू हुड्डा ने दो महीने पहले अपनी मां का निधन होने के बावजूद गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिंकू की प्रशंसा की।
प्रदर्शन पर पीएम मोदी की विशेष टिप्पणी
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पीएम मोदी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में सफलता हासिल करने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए खासतौर पर रिंकू हुड्डा की हिम्मत की तारीफ की। पीएम ने कहा कि इस तरह के खेल हमारे युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।
रिंकू के संघर्ष और सफलता
रिंकू हुड्डा ने एशियन पैरा गेम्स से मात्र दो महीने पहले अपनी मां को खो दिया था। इस कठिन परिस्थिति में भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और कड़ी मेहनत जारी रखी। गोल्ड मेडल जीतते हुए रिंकू ने अपनी मां की तस्वीर मेडल के साथ दिखाकर उनको समर्पित किया। उनका यह भावुक करते वाला पल हर किसी के दिल को छू गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को देशवासियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि रिंकू की कहानी साहस और समर्पण का परिचायक है।
खेलों में बदलाव और सरकार की भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद सरकार ने खेलों को लेकर नयी सोच अपनाई है। उन्होंने बताया कि पहले प्रणाली ऐसी थी कि युवा प्रतिभाओं को सही समर्थन नहीं मिलता था, लेकिन अब उसे बदलने का संकल्प लिया गया है। इस बदलाव के कारण खिलाड़ियों को अपने टैलेंट पर विश्वास होने के साथ देश का समर्थन भी मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले पैरेंट्स बच्चों को खेलों में भेजने से डरते थे, पर अब स्थिति बदल चुकी है। बेहतर संसाधन और पारदर्शिता से खेलों में बढ़ोतरी हुई है।
क्या कहा पीएम मोदी ने युवा खिलाड़ियों को?
पीएम मोदी ने लाल किले से शुरू हुए टैलेंट हंट अभियान का जिक्र करते हुए युवाओं से आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पैरा गेम्स को भी उतना ही महत्व दिया जा रहा है। इस साल के पैरा गेम्स में टॉप्स और खेलो इंडिया द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने कुल 60 पदकों से देश का नाम रोशन किया।
इस सफलता से यह स्पष्ट होता है कि सरकार के प्रयास सही दिशा में जा रहे हैं और युवा खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं।








