मोबाइल खरीदने से पहले रिव्यू पढ़ते हैं, शादी में भरोसा क्यों डॉ. रितेश मलिक ने सवाल उठाया

मोबाइल खरीदने से पहले रिव्यू पढ़ते हैं, शादी में भरोसा क्यों डॉ. रितेश मलिक ने सवाल उठाया

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हर माता-पिता अपने बच्चों की शादी को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण फैसला मानते हैं। वे चाहते हैं कि उनका बेटा या बेटी एक ऐसा साथी पाए जो प्यार करे, सम्मान दे और जीवनभर साथ निभाए। लेकिन सिर्फ बातों पर भरोसा करना हमेशा सही नहीं होता। Innov8 के संस्थापक डॉ. रितेश मलिक ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में इस बात पर चिंता जताई कि लोग शादी के लिए साथी चुनते वक्त पूरी जांच नहीं करते, जबकि मोबाइल खरीदने या खाना खाने से पहले वे अच्छी तरह रिसर्च करते हैं।

शादी से पहले साथी की जाँच क्यों जरूरी?

डॉ. रितेश मलिक बताते हैं कि शादी से पहले होने वाले जीवनसाथी के बारे में सही जानकारी लेना कई समस्याओं से बचाव कर सकता है। केवल मीठे शब्दों या अच्छे परिवार के प्रभाव में आकर भरोसा करना गलत साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि शादी में भरोसा आवश्यक है, लेकिन बिना पूरी जानकारी के अंधविश्वास बाद में परेशानी बढ़ा सकता है।

जब हम मोबाइल खरीदने से पहले रिव्यू और दूसरी जानकारियां देखते हैं, तो शादी जैसे गंभीर फैसले में क्यों ये कदम नहीं उठाते? मलिक ने इस पर चोट किया है कि ऐसे फैसले को सही तरीके से सोच-समझना जरूरी है, वरना यह परिवार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

शादी के फैसले में बेहतर जानकारी कैसे लें?

शादी से पहले ये देखना चाहिए कि प्रस्तावित साथी का व्यक्तित्व कैसा है और समाज में उसकी क्या छवि है। क्या उस पर किसी प्रकार का अपराध दर्ज है या नहीं, यह जांचना भी आवश्यक है। इसके अलावा साथी की नौकरी, पढ़ाई और आय की सही जानकारी लेना भी महत्वपूर्ण है। सिर्फ उसकी कही बातों पर भरोसा करने के बजाय स्वतंत्र जांच जरूरी है।

उन्होंने यह भी साफ किया कि नौकरी के बायोडाटा में भी झूठ हो सकता है और शादी के कागजात में कई बार गलत जानकारी दी जाती है। इसलिए हर बात की पुष्टि करना बेहतर रहता है, ताकि आगे कभी पछतावा न हो।

डॉ. मलिक ने बताया, “शादी के मामले में रिश्ते केवल दो व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि दो परिवारों के मेलजोल होते हैं। इसलिए दोनों परिवारों की सोच और आदतों को समझना भी जरूरी है। अगर कोई सदस्य धूम्रपान या शराब का सेवन करता है, तो इसे छिपाने के बजाय खुलकर बात करनी चाहिए।” यह पारदर्शिता रिश्ते मजबूत बनाने में मदद करती है।

भारत में शादी भले ही एक दिन में हो जाए, लेकिन गलत फैसले की वजह से परिवार टूटने की समस्याएं लम्बे समय तक चल सकती हैं। इसलिए जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और सही छानबीन करें।

इस पूरे संदर्भ में, डॉ. रितेश मलिक के विचार हमें यह सिखाते हैं कि न केवल शादी बल्कि जीवन के बड़े फैसलों में समझदारी और जांच जरूरी है। भरोसा अच्छी बात है, लेकिन बाद में आने वाली मुश्किलों से बचने के लिए तथ्य खंगालना अनिवार्य होता है।

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KPN News
Author: KPN News

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