इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। नई सरकार बनाने की प्रक्रिया में अरब राजनीतिक दलों ने गादी आइसेनकोट का समर्थन किया है, जिससे नेतन्याहू की विदाई लगभग तय हो गई है। यह घटनाक्रम हाल ही में हुए संसदीय चुनावों के बाद हुआ है, जिनमें इजराइल की 120 सीटों वाली संसद में अरब पार्टियों ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया।
आइसेनकोट को मिला अरब पार्टियों का समर्थन
अरब दलों का गठबंधन जॉइंट लिस्ट ने गुरुवार को घोषणा की कि वे याशर पार्टी के नेता आइसेनकोट को अगली सरकार बनाने का समर्थन करेंगे। इसके अलावा, अरब नेतृत्व वाली राआम पार्टी के आठ सांसद पहले ही आइसेनकोट के समर्थन में हैं। इस गठबंधन के साथ, आइसेनकोट को 67 सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना है, जो नेतन्याहू के गठबंधन से अधिक है।
जॉइंट लिस्ट ने कहा कि वे राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को औपचारिक रूप से आइसेनकोट के नाम की सिफारिश करेंगे और सरकार बनाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाए। यह समर्थन नेतन्याहू की सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
नेतन्याहू की स्थिति और राष्ट्रपति की भूमिका
नेतन्याहू के पास लिकुड पार्टी गठबंधन के तहत 58 सीटें हैं लेकिन उन्हें पूर्ण समर्थन मिलना कठिन दिख रहा है। उनकी सरकार का सहयोगी, यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म ने किसी उम्मीदवार का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। इसे लेकर नेतन्याहू की सरकार में अनिश्चितता बढ़ रही है।
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है और राजनीतिक दलों से बातचीत कर रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि कौन अगली सरकार बनाएगा। उन्होंने सभी पार्टियों से अपील की है कि देश में स्थिरता बनाए रखने के लिए नए चुनावों की जरूरत न पड़े।
राष्ट्रपति ने कई प्रमुख पार्टियों से मुलाकात कर उनकी सिफारिशें सुनी हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री पद के लिए नेतन्याहू और आइसेनकोट के बीच मुकाबला होगा। चुने गए उम्मीदवार को 28 दिनों में सरकार बनाने का समय मिलेगा, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर 14 दिन और बढ़ाए जा सकते हैं।
आइसेनकोट ने पहले कहा था कि उनकी अगली सरकार में राआम पार्टी शामिल नहीं होगी, लेकिन अब इस रूढ़िवादित्व में बदलाव आया है। यह बदलाव उनके समर्थकों की संख्या में वृद्धि कर रहा है।
नेतन्याहू की सरकार में पिछली बार हारेदी पुरुषों को सैन्य सेवा से छूट के कानून पास नहीं होने से भी मतभेद हुआ था। इस वजह से कुछ सहयोगी दल उनसे दूरी बना रहे हैं।
देश के राजनीतिक हालात अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन अरब पार्टियों के समर्थन के कारण आइसेनकोट की सरकार बनने की संभावना मजबूत होती दिख रही है। राष्ट्रपति हर्जोग की अगली कार्रवाई पर ही अंतिम फैसला निर्भर करेगा।
मुख्य तथ्य
- अरब गठबंधन जॉइंट लिस्ट और राआम पार्टी ने आइसेनकोट का समर्थन किया।
- आइसेनकोट के समर्थन में कुल 67 सांसद हैं, जो नेतन्याहू के खिलाफ हैं।
- राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- नेतन्याहू को सहयोगी दलों से समर्थन जुटाने में कठिनाई हो रही है।








