कोटिया चुनाव पर नवीन पटनायक ने सीमा विवाद केंद्र तक पहुंचाने की मांग की

कोटिया चुनाव पर नवीन पटनायक ने सीमा विवाद केंद्र तक पहुंचाने की मांग की

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भुवनेश्वर। ओडिशा के कोरापुट जिले में स्थित विवादित कोटिया क्षेत्र को लेकर बढ़ते तनाव के बीच, बीजद अध्यक्ष और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए इस मामले को केंद्र एवं आंध्र प्रदेश सरकार तक तत्काल ले जाने का आग्रह किया है।

कोटिया विवाद पर बढ़ता तनाव और चुनाव

पटनायक ने अपने पत्र में बताया कि 19 अक्टूबर को कोटिया पर लिखे उनके पिछले पत्र और 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के जवाब के बाद स्थिति और खराब हो गई है। उनके अनुसार, दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच टकराव की खबरें मिल रही हैं। उन्होंने चिंता जताई कि आंध्र प्रदेश ओडिशा पर प्रभाव के बावजूद आगामी चुनाव कोटिया में करवा रहा है, जो तनाव और बढ़ा रहा है।

उन्होंने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे को केंद्र और आंध्र प्रदेश के उच्च स्तर पर उठाएं ताकि इलाके की स्थिति शांत हो सके। पटनायक ने उल्लेख किया कि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है इसलिए भाजपा के 2024 के चुनाव घोषणापत्र के तहत ओडिशा की अखंडता की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

सरकार की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्थाएं

इस बीच मंगलवार को तीन चौकियों पर पुलिस और दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच झड़प हुई जिसके बाद राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि कोटिया क्षेत्र ओडिशा का अभिन्न भाग है। स्थानीय अधिकारी और पुलिसकर्मी पड़ोसी राज्य के चुनाव कराने के प्रयासों को विफल करने में लगे हुए हैं।

पुजारी ने बताया कि राज्य सरकार ने जबरन प्रवेश रोकने के लिए 16 पुलिस प्लाटून तैनात की हैं। उन्होंने कहा,

“प्रशासन, पुलिस, राजनीतिक दल, सामाजिक कार्यकर्ता और ओडिशा से प्यार करने वाले लोग इस लड़ाई को लड़ेंगे।”

उन्होंने साफ कहा कि राज्य के हितों की रक्षा मुख्यमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी है और जमीनी स्थिति को और बिगड़ने नहीं दिया जाना चाहिए। पटनायक ने उम्मीद जताई कि भाजपा नेतृत्व 2024 के चुनाव घोषणा पत्र के वादों को पूरा करेगा और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखेगा।

वर्तमान हालात को देखते हुए सुरक्षा के लिए बढ़ाए गए इंतजाम और राजनीतिक मांगें कोटिया विवाद के फैसले तक जारी रहेंगे। तनाव कम करने के लिए इस मुद्दे पर उच्च स्तर की बातचीत आवश्यक है।

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KPN News
Author: KPN News

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