🕉️ आस्था का महासागर उमड़ा: इन्दौर के नाकोड़ा मंदिर में ‘श्री शक्रस्तव अभिषेक महाविधान’
🙏 चमत्कारी अनुभूतियों के बीच, श्री शांतिनाथ प्रभु का दिव्य जड़ी-बूटियों, केसर और दूध से अभिषेक
इन्दौर, बुधवार, 26 नवंबर 2025: इन्दौर महानगर का श्री नाकोड़ा मंदिर गुमाश्ता नगर आज एक अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। यहाँ महाप्रभाविक श्री शक्रस्तव अभिषेक महाविधान का ‘अनूठा प्रभु भक्ति महोत्सव’ पूरे वैभव और उत्साह के साथ चल रहा है। आज, प्रातः 9 बजे से, 31 इंच के मनमोहक और महाप्रभाविक श्री शांतिनाथ प्रभु पर अभिषेक अनुष्ठान पूजन का विराट विधान चल रहा है, जिसने पूरे शहर को भक्ति के रंग में रंग दिया है।
✨ दिव्य अभिषेक और चमत्कारी क्षण
मंदिर परिसर में पहुँचते ही भक्तों को एक चमत्कारी अनुभूति हो रही है। ऐसा प्रतीत होता है मानो भगवान स्वयं साक्षात् रूप से उपस्थित होकर भक्तों को आशीर्वाद दे रहे हैं।
* अभिषेक के स्वर्णिम क्षण: प्रभु के अभिषेक के लिए एक भव्य मंच तैयार किया गया है। विधि-विधान आचार्य रत्नेश भाई मेहता के मार्गदर्शन में, श्री शांतिनाथ प्रभु को अनेकों अनेक दुर्लभ और औषधीय जड़ी-बूटियों, पवित्रता के प्रतीक शुद्ध दूध, सुगंधित चंदन, और बहुमूल्य केसर सहित कई दिव्य द्रव्यों से लगातार अभिषिक्त किया जा रहा है। इन द्रव्यों की सुगंध से पूरा प्रांगण महक उठा है, जो भक्तों को एक गहन आध्यात्मिक शांति प्रदान कर रही है।
* संगीत और भक्ति की लहर: अभिषेक के साथ ही, सिद्धहस्त संगीतकार अपनी कला के माध्यम से भक्ति रस की वर्षा कर रहे हैं। उनके द्वारा प्रस्तुत अनेकों मधुर रागों और भजनों की स्वर लहरियाँ वातावरण में भक्ति की एक अद्भुत और शक्तिशाली लहर उत्पन्न कर रही हैं। हर श्रद्धालु इस संगीत के प्रवाह में डूबकर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहा है।
👑 संतों का पावन सान्निध्य और मार्गदर्शन
इस महाप्रभाविक आयोजन को पूज्य संतों की शुभ निश्रा प्राप्त है, जिससे इसकी महत्ता कई गुना बढ़ गई है।
* पवित्र उपस्थिति: ओजस्वी प्रवचनकार प.पू. तीर्थरत्न सागर जी म.सा., और साध्वीवर्या प.पू. मातृहृदया अभिगुरणा श्री जी आदि ठाणा सहित अन्य पूज्य साधु-साध्वी इस पुण्य कार्य का गहरा आध्यात्मिक लाभ ले रहे हैं।
* प्रेरणा और ज्ञान: संतों के ओजस्वी प्रवचन और प.पू. शुद्धि प्रसन्न श्री जी आदि की पावन प्रेरणा भक्तों को धर्म और त्याग के मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उनके सान्निध्य में, भक्तों को इस महाविधान के महत्व और जैन दर्शन की गहरी समझ मिल रही है।
इस प्रतिष्ठा महोत्सव की स्मृति में आयोजित, यह आयोजन श्री अरुण कुमार जी, संध्या जी, अभिषेकजी, लवीना, रीत जी, अनामिक्का, और अनिष्का पोरवाल इन्दौर (लाभार्थी) के सहयोग से श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ जैन श्वेता, मंदिर ट्रस्ट गुमाश्ता नगर इन्दौर द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव इन्दौर के जैन समाज के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ रहा है।










