इंदौर में आस्था का महाकुंभ, रणजीत बाबा की प्रभात फेरी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
इंदौर | खबर पर नजर
इंदौर शहर आज भगवा रंग में रंगा नजर आया। पश्चिमी क्षेत्र के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर से आज (शुक्रवार) तड़के जो नजारा दिखा, उसने न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कड़ाके की ठंड को मात देते हुए लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब अपने आराध्य ‘रणजीत बाबा’ के दर्शन के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ा।
‘खबर पर नजर’ की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए आज की प्रभात फेरी की भव्यता और उन पलों के बारे में जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए।
पलक पांवड़े बिछाए खड़ा था पूरा शहर
जैसा कि माना जा रहा था, इस बार की प्रभात फेरी ने भव्यता के पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। सुबह 4 बजे से ही रणजीत हनुमान मंदिर के पट खुलते ही ‘जय श्री राम’ और ‘रणजीत बाबा की जय’ के उद्घोष से आकाश गूंज उठा। पूरा शहर मानो अपने राजा के स्वागत में पलक पांवड़े बिछाए खड़ा था। भक्तों का उत्साह ऐसा था कि पैर रखने की जगह नहीं थी, लेकिन अनुशासन और भक्ति का अद्भुत संगम हर तरफ दिखाई दिया।
30 से ज्यादा वाहनों का काफिला और अद्भुत झांकियां
प्रभात फेरी की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाबा के स्वर्ण रथ के आगे-आगे 30 से ज्यादा विशेष वाहनों का काफिला चल रहा था।
* झांकियां: रामायण प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। भगवान राम के दरबार से लेकर हनुमान जी की भक्ति को दर्शाती इन झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
* संगीत और नाद: नासिक के ढोल, ताशे और 20 से अधिक भजन मंडलियां पूरे रास्ते बाबा का गुणगान करती चल रही थीं। ढोल की थाप पर थिरकते युवाओं और “दीवाना तेरा आया, बाबा तेरी शिर्डी में” जैसे भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
स्वर्ण रथ पर सवार होकर निकले नगर सेठ
सबसे अलौकिक दृश्य वह था जब रणजीत बाबा अपने पारंपरिक स्वर्ण रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। स्वर्ण रथ की चमक और बाबा का विशेष श्रृंगार देख भक्तों की आंखें नम हो गईं। मान्यता है कि बाबा साल में एक बार खुद अपने भक्तों का हाल जानने निकलते हैं, और आज वही दिन था।
स्वागत में बिछी खाद्य सामग्री और फूल
इंदौर की मेहमाननवाजी भी इस दौरान चरम पर दिखी। पूरे रूट (महू नाका, अन्नपूर्णा, नरेंद्र तिवारी मार्ग) पर स्टॉल लगाए गए थे। कहीं गरमा-गरम पोहा-जलेबी, तो कहीं केसरिया दूध और चाय का वितरण हो रहा था। रहवासियों ने अपने घरों की छतों से बाबा के रथ पर पुष्प वर्षा की, जिससे सड़कें फूलों की चादर सी ढंक गईं।
नया रिकॉर्ड: जनसैलाब और सुरक्षा
अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार प्रभात फेरी में 2 से 3 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। प्रशासन ने भी इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही थी और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था ताकि बाबा की अगवानी में कोई विघ्न न आए।
निष्कर्ष
आज की प्रभात फेरी सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक एकता और अटूट आस्था का प्रतीक बन गई। ‘खबर पर नजर’ की टीम ने देखा कि कैसे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई बस बाबा की एक झलक पाने को आतुर था। वाकई, इंदौर ने आज साबित कर दिया कि जब बात रणजीत बाबा की हो, तो दिन और रात का फर्क मिट जाता है।
– खबर पर नजर, विशेष संवाददाता (इंदौर)










