इंदौर में दूषित पानी का कहर: चार बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, भागीरथपुरा में पसरा मातम
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल त्रासदी ने एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। क्षेत्र में फैल रहे गंदे पानी के संक्रमण के कारण ई-रिक्शा चालक हेमंत गायकवाड़ की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश और शोक की लहर है। इस त्रासदी की सबसे हृदयविदारक तस्वीर श्मशान घाट से सामने आई, जहां हेमंत की मासूम बेटियों ने अपने कांपते हाथों से पिता को मुखाग्नि दी। वहां मौजूद हर शख्स की आंखें यह मंजर देखकर नम हो गईं।
हेमंत गायकवाड़ अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जो ई-रिक्शा चलाकर अपनी पत्नी और चार बेटियों—रिया, जिया, खुशबू और मनाली का भरण-पोषण कर रहे थे। दूषित पानी पीने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। भागीरथपुरा में दूषित जल की समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि स्थानीय निवासियों के अनुसार अब तक करीब 25 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण आज एक पूरा परिवार गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में डूब गया है।
मृतक की बेटी जिया ने बताया कि उनके पिता की अंतिम इच्छा राहुल गांधी से मिलने की थी, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के कारण उनकी यह हसरत अधूरी ही रह गई। घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। स्थानीय जनता अब नगर निगम और प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्यवाही और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रही है। जल त्रासदी ने कई घरों को तबाह कर दिया है, जिससे पूरे भागीरथपुरा क्षेत्र में दहशत का माहौल है।










