इंदौर बायपास पर ‘यादव’ नाम की धौंस: रसूखदारों ने कानून को बनाया खिलौना, मासूम बाइक सवार को मारी टक्कर
इंदौर। एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ इंदौर बायपास पर मुख्यमंत्री के सरनेम (यादव) की धौंस देकर बस संचालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ताजा मामला तेजाजी नगर थाना क्षेत्र का है, जहाँ रसूख के नशे में चूर एक बस मालिक ने न केवल एक बाइक सवार की जान जोखिम में डाली, बल्कि खुद को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर धमकाया भी।
रॉन्ग साइड दौड़ती मौत: पीड़ित ने सुनाई आपबीती
घटना बुधवार शाम करीब 5:30 बजे की है। गुरुद्वारे के पुजारी नरेंद्र सिंह पिता रामसिंह अपनी बाइक (एमपी 46 एमपी 6471) से तेजाजी नगर बायपास से कनाड़िया की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वे नेमावर ब्रिज के पास सर्विस रोड पर पहुँचे, सामने से गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आ रही बस (एमपी 09 एफए 4141) के चालक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत रही कि नरेंद्र सिंह को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनकी बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
‘मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता’
पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने बस चालक से लापरवाही का कारण पूछा, तो बस मालिक अनिल यादव अपनी क्रेटा गाड़ी से वहाँ पहुँचा। उसने मदद करने के बजाय पीड़ित के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। अनिल यादव ने सीना ठोककर कहा, “मेरा नाम अनिल यादव है, जो करना हो कर लो। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” आरोपी ने खुद को उज्जैन का निवासी और मुख्यमंत्री का करीबी बताकर पुलिस को चुनौती तक दे डाली।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
पीड़ित नरेंद्र सिंह ने तेजाजी नगर थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस का रवैया भी सवालों के घेरे में है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केवल मामूली धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर खानापूर्ति कर ली है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बायपास पर ‘यादव’ लिखी बसें आए दिन गुंडागर्दी करती हैं और रसूख के चलते उन पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होती।
मुख्यमंत्री से संज्ञान की उम्मीद
इस घटना ने शहर के नागरिकों के मन में सरकार और प्रशासन के प्रति असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री के नाम का सहारा लेकर अपराधी तत्व इसी तरह शहर में आतंक मचाते रहेंगे? अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन रसूखदारों पर कड़ी कार्रवाई करेगा या फिर मुख्यमंत्री के नाम का दुरुपयोग इसी तरह जारी रहेगा।
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