भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए बुरी खबर: जून 2026 वीज़ा बुलेटिन में EB-1 और EB-2 के फाइनल एक्शन डेट्स में रेट्रोग्रेशन

Bad news for Indian Green Card applicants: Final Action Dates for EB-1, EB-2 retrogress in June 2026 visa bulletin

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भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए बुरी खबर: जून 2026 वीज़ा बुलेटिन में EB-1 और EB-2 के फाइनल एक्शन डेट्स में रेट्रोग्रेशन

नई दिल्ली – (रिपोर्टर)

खबर का सार

भारतीय ग्रीन कार्ड के इच्छुक आवेदकों के लिए एक चिंता भरी खबर सामने आई है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट द्वारा जारी जून 2026 के वीज़ा बुलेटिन में यह स्पष्ट रूप से दिखाया गया है कि EB-1 और EB-2 कैटेगरी के फाइनल एक्शन डेट्स में रेट्रोग्रेशन यानी पिछड़ा हुआ ग्राफ हुआ है। इसका मतलब यह है कि ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में तेजी की अपेक्षा रखने वाले आवेदकों को अब और भी अधिक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।

घटना का विस्तार

विभिन्न श्रेणियों के तहत अमेरिकी ग्रीन कार्ड आवेदन में प्राथमिकता देने वाले EB-1 और EB-2 कैटेगरीज में हुई इस रेट्रोग्रेशन से भारतीय आवेदक सबसे प्रभावित होंगे क्योंकि भारत के आवेदक संख्या में सबसे अधिक होते हैं। अमेरिकी वीज़ा बुलेटिन की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि जून 2026 के लिए EB-2 कैटेगरी में फाइनल एक्शन डेट 1 मार्च 2020 से पीछे चली गई है, जबकि EB-1 कैटेगरी में भी कुछ महीनों की रेट्रोग्रेशन देखने को मिली है। इससे यह संकेत मिलता है कि ग्रीन कार्ड प्रोसेसिंग में देरी बढ़ेगी और लंबी अवधि तक वेटिंग समय बना रहेगा।

संबंधित बयान/प्रतिक्रिया

यूएस इमिग्रेशन विशेषज्ञों ने इस स्थिति को एक चिंता का विषय बताया है। वरिष्ठ वकील राकेश शर्मा का कहना है, “रेट्रोग्रेशन से भारतीय आवेदकों को काफी झटका लगेगा क्योंकि इसका मतलब है कि उनकी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया धीमी पड़ जाएगी। अब आवेदकों को अधिक धैर्य रखने और संभावित देरी के लिए तैयार रहने की जरूरत है।” वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह अस्थायी स्थिति हो सकती है और आगामी महीनों में नए निर्देश आने पर बदलाव भी संभव है।

अतिरिक्त जानकारी या प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, EB-1 और EB-2 की रेट्रोग्रेशन का कारण आम तौर पर आवेदकों की संख्या में वृद्धि और अमेरिकी प्रशासन द्वारा आवंटित वीज़ा की सीमा के बीच असंतुलन होता है। इसके अलावा, COVID-19 महामारी, अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध, और प्रशासनिक नीतियों में बदलाव भी कुछ हद तक इस देरी के पीछे जिम्मेदार हैं। भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए यह स्थिति निराशाजनक है, परंतु नए अपडेट्स और नियमों के साथ स्थिति भविष्य में बेहतर हो सकती है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे यूएस इमिग्रेशन अथॉरिटीज की आधिकारिक घोषणाओं और वीज़ा बुलेटिन को नियमित रूप से देखें ताकि अद्यतन जानकारी मिल सके।

इस प्रकार, जून 2026 के वीज़ा बुलेटिन ने भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए एक बार फिर से प्रतीक्षा अवधि बढ़ाने वाला संकेत दिया है, जिससे उनके सपनों को पूरा होने में और समय लग सकता है। यह स्थिति रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सावधानी और धैर्य की मांग करती है।

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KPN News
Author: KPN News

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