इंदौर: महावर नगर के पार्षद योगेंद्र गेंदर की घोर उदासीनता जर्जर सड़क ने बढ़ाई मुश्किलें

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इंदौर: महावर नगर के पार्षद योगेंद्र गेंदर की घोर उदासीनता, पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे वासी, जर्जर सड़क ने बढ़ाई मुश्किलें
दैनिक अभियान आज तक शैलेंद्र श्रीमाल
इंदौर के अन्नपूर्णा क्षेत्र स्थित महावर नगर में क्षेत्रीय पार्षद योगेंद्र गेंदर की कार्यशैली के कारण स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जनता का आरोप है कि पार्षद न केवल अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं, बल्कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के प्रति भी पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं।
पानी के लिए संघर्ष और टैंकर माफिया का साया
महावर नगर के रहवासी पानी की भीषण किल्लत से जूझ रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि निवासियों को पीने के पानी के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पानी की सुचारू सप्लाई करने के बजाय, पार्षद योगेंद्र गेंदर और उनके सहयोगियों द्वारा टैंकरों को लेकर भी मनमानी की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टैंकरों के माध्यम से पानी मंगवाने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें जलील होना पड़ता है।
सड़क का हाल: मौत का कुआं बनी गलियां
सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर है। सड़क के बीचों-बीच एक से डेढ़ फीट का गहरा गड्ढा लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। इस गड्ढे के कारण गलियों में न तो एंबुलेंस या अन्य जरूरी वाहन आ पा रहे हैं और न ही पानी के टैंकर पहुंच पा रहे हैं। इस मार्ग पर रोजाना दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है, जिसमें गाड़ियों का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही आम लोगों का जीवन भी खतरे में है। बच्चे अपने ही घर के बाहर खेलने से वंचित हो गए हैं।
पार्षद की कार्यशैली पर सवाल
क्षेत्र की जनता का कहना है कि पार्षद योगेंद्र गेंदर ने चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन पद मिलते ही वे जनता की पीड़ा को अनदेखा कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जब भी सड़क या पानी की समस्या को लेकर पार्षद से संपर्क किया जाता है, तो कोई सुनवाई नहीं होती। हैरानी की बात यह है कि सड़क बनवाने के लिए भी जनता से ही डिमांड की जा रही है, जबकि यह कार्य स्थानीय निकाय और पार्षद की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
क्षेत्र क्रमांक 4 की विधायक मालिनी गौड़ के क्षेत्र में आने वाले इस इलाके के लोग अब मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें इस दमनकारी और उपेक्षित वातावरण से मुक्ति मिल सके।

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Author: KPN News

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