रात के उल्लू अधिक पेट की चर्बी, उच्च रक्त शर्करा और खराब लिपिड प्रोफाइल के शिकार हो सकते हैं: अध्ययन

Night owls may have more belly fat, higher blood sugar, poorer lipid profiles: Study

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रात के उल्लू और स्वास्थ्य पर अध्ययन की मुख्य बातें

नई दिल्ली – (रिपोर्टर)

खबर का सार

हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में पता चला है कि जिन लोगों की नींद का तंत्र रात्रि के समय सक्रिय रहता है, अर्थात रात के उल्लू कहलाने वाले व्यक्ति, उनमें पेट की चर्बी अधिक होने, रक्त में शर्करा के स्तर की वृद्धि और खराब लिपिड प्रोफाइल की संभावना अधिक होती है। यह शोध इस बात पर जोर देता है कि व्यक्ति कब भोजन करता है, यह उतना ही महत्वपूर्ण हो सकता है जितना कि वह क्या खाता है।

अध्ययन का विस्तार

अध्ययन में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों का विश्लेषण किया गया, जिन्होंने अपनी नींद और भोजन के समय के पैटर्न पर जानकारी दी। शोधकर्ताओं ने यह पाया कि देर रात तक जागने वाले और बाद में भोजन करने वाले लोगों का मेटाबॉलिज़्म प्रभावित होता है। इनके शरीर में वज़न अधिक बढ़ने के साथ-साथ रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल के स्तर भी असामान्य होते हैं। शोध के प्रमुख वैज्ञानिकों ने बताया कि शरीर की जैविक घड़ी के अनुसार यदि भोजन का समय निरंतरता से थोड़ा पहले हो तो यह शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

संबंधित बयान और प्रतिक्रिया

अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. रितिका शर्मा ने कहा, “हमारे निष्कर्ष स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि न केवल भोजन का मात्रा और प्रकार, बल्कि भोजन का समय भी स्वास्थ्य के लिए अहम है। रात के उल्लू जीवनशैली रखने वालों को अपने खाने-पीने के घंटे पर भी ध्यान देना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि यह शोध मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।

अतिरिक्त जानकारी और प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जीवनशैली जो दिन के समय सक्रिय हो और रात को पर्याप्त नींद ले, वह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त होती है। विशेषकर आधुनिक युग में जहां देर रात तक काम करना और स्क्रीन के संपर्क में रहना बढ़ गया है, यह अध्ययन जागरूकता फैलाने में सहायक होगा। स्वास्थ्य विभाग भी इस विवरण को ध्यान में रखते हुए लोगों को सही खान-पान और जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है ताकि मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों को रोका जा सके। यह शोध एक नई दिशा प्रदान करता है कि शोधकर्ता और चिकित्सक मरीजों के खान-पान टाइमिंग के महत्व को समझें और उसे जीवन में इस्तेमाल करें।

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KPN News
Author: KPN News

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