नई दिल्ली, दिल्ली
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद कांग्रेस ने उनकी ईमानदारी और सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की सराहना की है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने मंगलवार को कहा कि मनमोहन सिंह का रिकॉर्ड ईमानदारी और जवाबदेही के मामले में नरेंद्र मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग रहा है।
मनमोहन सिंह ने जनवरी 2014 में अपने कार्यकाल की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि उन्हें विश्वास है कि इतिहास उनके प्रति उस समय के मीडिया और संसद में मौजूद विपक्षी दलों की तुलना में अधिक उदार रहेगा। उस समय उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के कथित मामलों को लेकर विपक्ष और मीडिया की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।
सिंह की यह टिप्पणी उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के अंतिम दौर में आई थी, जब उनकी सरकार को कई विवादों और आरोपों का सामना करना पड़ रहा था। कोयला ब्लॉक आवंटन भी उन प्रमुख मुद्दों में शामिल था, जिसने तत्कालीन यूपीए सरकार को राजनीतिक रूप से घेरा था।
29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने इसे मनमोहन सिंह के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा। पार्टी नेताओं ने उनके सार्वजनिक जीवन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर उनके पुराने रुख को फिर से सामने रखा।
सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह की ईमानदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि इतिहास उन्हें इसी वजह से याद रखेगा। उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए कहा कि जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दे पर दोनों सरकारों का रिकॉर्ड अलग-अलग है।
मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में आर्थिक नीतियों और कई बड़े फैसलों के साथ-साथ कुछ विवादित मामलों को लेकर भी राजनीतिक बहस होती रही। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने उनके पुराने बयान को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।










