हिसार/पानीपत, हरियाणा
हरियाणा में मंगलवार को शिवरात्रि का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा था। मंदिरों में भक्तों की भीड़ थी और कांवड़िए भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। इसी बीच प्रदेश के कई जिलों से आईं मौत की खबरों ने माहौल को गमगीन कर दिया।
सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक पांच अलग-अलग घटनाओं में मां-बेटे समेत सात कांवड़ियों की मौत हो गई। इनमें सड़क हादसे, करंट लगने और अचानक तबीयत बिगड़ने की घटनाएं शामिल हैं। मृतकों में हिसार, पानीपत, रोहतक, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर से जुड़े कांवड़िए शामिल हैं।
पांच अलग-अलग घटनाओं में सात मौतें
इन घटनाओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर किया। यात्रा के दौरान किसी कांवड़िए की सड़क हादसे में मौत हो गई, तो किसी ने शिविर में आराम करने के बाद दम तोड़ दिया। एक श्रद्धालु की जान करंट लगने से चली गई।
शिवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व पर एक साथ कई मौतों की खबर से संबंधित जिलों में शोक का माहौल बन गया।
यमुनानगर में मां-बेटे की मौत
यमुनानगर जिले में मां और बेटे की मौत की खबर ने लोगों को झकझोर दिया। दोनों कांवड़ यात्रा के लिए निकले थे। परिवार को जब उनकी मौत की सूचना मिली तो घर में मातम छा गया।
एक साथ परिवार के दो सदस्यों को खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। धार्मिक यात्रा पर निकले मां-बेटे की मौत से स्थानीय लोग भी सदमे में हैं।
विश्राम के बाद नहीं खुलीं आंखें
कांवड़ यात्रा के दौरान थकान दूर करने के लिए श्रद्धालु जगह-जगह बनाए गए शिविरों में रुकते हैं। इन घटनाओं में कुछ कांवड़िए भी शिविर में आराम करने के लिए रुके थे।
बताया गया कि विश्राम के बाद कुछ श्रद्धालुओं की आंखें नहीं खुलीं। साथियों ने उन्हें जगाने और मदद पहुंचाने की कोशिश की। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सड़क हादसे और करंट भी बने वजह
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुए सड़क हादसों में भी कांवड़ियों की जान गई। कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है।
इसके अलावा एक कांवड़िए की मौत करंट लगने से हुई। धार्मिक यात्रा के दौरान बिजली के संपर्क में आने की इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फौजी समेत सात कांवड़ियों की मौत
इन पांच घटनाओं में जान गंवाने वालों में एक फौजी के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। शिवरात्रि के दिन हुई इन मौतों से कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं।
हिसार, पानीपत, रोहतक, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में हुई घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की गई। हादसों के कारणों की जांच की जा रही है।
शिवरात्रि के पावन पर्व पर सात कांवड़ियों की मौत ने प्रदेश में शोक की लहर पैदा कर दी है।










