नई दिल्ली, दिल्ली
कुल्फी का नाम सुनते ही दूध, इलायची और मेवों से बनी ठंडी मिठाई का स्वाद याद आ जाता है। इनमें रबड़ी कुल्फी की बात अलग है। इसकी खासियत इसका गाढ़ा दूधिया स्वाद और मलाईदार के साथ हल्का दानेदार टेक्सचर है। यही वजह है कि यह पारंपरिक मिठाई आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है। बाजार में मिलने वाली कुल्फी जैसी बनावट घर पर पाना मुश्किल जरूर लगता है, लेकिन सही तरीके से दूध तैयार करने पर इसे काफी हद तक हासिल किया जा सकता है।
रबड़ी कुल्फी बनाने के लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाला फुल क्रीम दूध लें। दूध को भारी तले के बर्तन में डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। दूध को तेज आंच पर पकाने से नीचे चिपकने या जलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इसे धीरे-धीरे पकाना बेहतर रहता है।
दूध गर्म होने के दौरान उसकी सतह पर मलाई की परत बनने लगेगी। इस मलाई को चम्मच की मदद से बर्तन के किनारे लगाते जाएं। दूध को बीच-बीच में चलाते रहें। जब दूध की मात्रा कम होकर वह गाढ़ा होने लगे, तब किनारे जमा मलाई को वापस दूध में मिला दें। इस प्रक्रिया से दूध में रबड़ी जैसी परतदार और दानेदार बनावट विकसित होती है।
अब इसमें स्वादानुसार चीनी डालें। जरूरत के अनुसार इलायची पाउडर और कटे हुए बादाम, पिस्ता या काजू मिलाए जा सकते हैं। मेवे डालने से कुल्फी का स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो सकते हैं। मिश्रण को कुछ देर धीमी आंच पर पकाने के बाद गैस बंद कर दें।
कुल्फी जमाने से पहले मिश्रण को पूरी तरह ठंडा करना जरूरी है। इसके बाद इसे कुल्फी के सांचों में भरें। सांचों को अच्छी तरह बंद करके फ्रीजर में रख दें। कुल्फी को पर्याप्त समय तक जमने दें, ताकि उसका आकार और बनावट अच्छी तरह सेट हो सके।
जमी हुई कुल्फी निकालने के लिए सांचे को कुछ सेकंड पानी में रखने की आसान तरकीब अपनाई जा सकती है। कुल्फी बाहर आने के बाद उस पर पिस्ता या बादाम डालकर परोसें।
इस रेसिपी में बाजार जैसा स्वाद पाने का मुख्य आधार दूध को धीरे-धीरे पकाना और मलाई को वापस मिश्रण में मिलाना है। यही तरीका रबड़ी कुल्फी को सामान्य दूध वाली कुल्फी से अलग बनाता है।










