मेरठ, उत्तर प्रदेश
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस और एसटीएफ को वारदात में शामिल बताए जा रहे शूटरों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। चार शूटरों की पहचान के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों और राज्यों में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
एसटीएफ के साथ पुलिस की आठ टीमें हरियाणा में डेरा डाले हुए हैं। ये टीमें शूटरों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और उनके सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। जांच एजेंसियों ने कुछ करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू की है।
पुलिस जांच में हत्याकांड के तार लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सहयोगी माने जाने वाले गोगी गैंग से जुड़ने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा राजेश उर्फ पंपू गैंग की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस को शक है कि वारदात को अंजाम देने में अलग-अलग स्तर पर कई लोगों ने मदद की।
जिन चार शूटरों की पहचान हुई है, उनमें एक के खिलाफ हत्या सहित गंभीर मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। अन्य तीन आरोपी पहले छोटे आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस अब उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गैंग से संबंधों की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपियों ने गैंग के सरगना के इशारे पर अंकित बालियान को निशाना बनाया। वारदात से पहले रेकी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस को शक है कि पंपू गैंग से जुड़े एक व्यक्ति को इस काम के लिए शामिल किया गया था और उसने अंकित बालियान की गतिविधियों तथा आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई थी।
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने इस मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 15 टीमें गठित की हैं। इनमें एसटीएफ के साथ स्थानीय पुलिस और अन्य जांच इकाइयां भी शामिल हैं। हरियाणा में तैनात आठ टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि बदमाशों ने उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने से पहले अपने कपड़े बदल लिए थे। पुलिस को शक है कि पहचान छिपाने और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से बचने के लिए ऐसा किया गया। अब जांच एजेंसियां उन स्थानों की भी पहचान कर रही हैं, जहां आरोपियों ने कपड़े बदले या कुछ समय के लिए ठहराव किया।
एसटीएफ शूटरों के करीब पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से मिली जानकारी को जोड़कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि शूटरों की गिरफ्तारी के बाद हत्या के मकसद, गैंग कनेक्शन और पूरी साजिश से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।









