महंगी कोचिंग नहीं बनी रुकावट, हिमाचल के सरकारी स्कूलों के 76 बच्चों ने जेईई मेन्स में हासिल की सफलता

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

शिमला, हिमाचल प्रदेश

महंगी कोचिंग संस्थानों और बड़े शहरों की सुविधाओं के बिना भी हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स और नीट जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 76 विद्यार्थियों ने वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच जेईई मेन्स परीक्षा क्वालीफाई की है। शिक्षा विभाग अब इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने की तैयारी कर रहा है।

शिक्षा विभाग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, जेईई मेन्स क्वालीफाई करने वाले इन 76 विद्यार्थियों में से 45 ने विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश हासिल किया। 12 विद्यार्थियों ने एनआईटी हमीरपुर में दाखिला लिया, जबकि एक विद्यार्थी ने आईआईटी में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने केवल इंजीनियरिंग क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि मेडिकल शिक्षा में भी सफलता दर्ज की है। इसी अवधि में आठ विद्यार्थियों ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त किया। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जेईई और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी के लिए अक्सर निजी और महंगे कोचिंग संस्थानों को जरूरी माना जाता है।

हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निश्शुल्क कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया था। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयवार सहायता और परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी मार्गदर्शन दिया गया।

शिक्षा मंत्री के निर्देश पर पिछले तीन वर्षों के दौरान इस निश्शुल्क सुविधा के परिणामों की समीक्षा की गई। विभाग ने यह जानने का प्रयास किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थियों को इस योजना से कितना लाभ मिला। समीक्षा में लगातार सामने आ रही सफलताओं से यह संकेत मिला कि सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन मिलने पर वे कठिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

अब शिक्षा विभाग सफल विद्यार्थियों को सम्मानित करेगा। विभाग का मानना है कि इन छात्रों की उपलब्धियों को पहचान देने से उनका उत्साह बढ़ेगा और अन्य विद्यार्थी भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित होंगे।

हिमाचल के पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सफलता खास मायने रखती है। कई परिवारों के लिए बच्चों को बड़े शहरों में भेजकर महंगी कोचिंग दिलाना आसान नहीं होता। ऐसे में सरकारी स्कूलों में उपलब्ध कराई गई निश्शुल्क सुविधा ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया।

सरकारी स्कूलों के बच्चों की यह उपलब्धि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। यह सफलता बताती है कि मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सही शैक्षणिक सहयोग के साथ सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी जगह बना सकते हैं।

Highlights

  • सरकारी स्कूलों के 76 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स क्वालीफाई किया।
  • 45 छात्रों ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाया।
  • 12 विद्यार्थी एनआईटी हमीरपुर पहुंचे।
  • एक छात्र ने आईआईटी में जगह बनाई।
  • आठ विद्यार्थियों ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया।
KPN News
Author: KPN News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें