रियाद, सऊदी अरब
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर होता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को हूती की ओर से सऊदी अरब के हार्मिस मुशैत और आसपास के तीन शहरों पर हमले किए गए। इन हमलों के बाद सऊदी अरब में सुरक्षा अलर्ट लागू किया गया था, जिसे बाद में हटा दिया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हूती के हमलों में सऊदी अरब के कई तेल प्रतिष्ठानों और एक सैन्य अड्डे को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने अभी तक नुकसान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। ऐसे में हमले से हुए कुल नुकसान का आकलन स्पष्ट नहीं है।
रात में यमन में जवाबी बमबारी
सऊदी अरब में हुए हमलों के बाद मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात यमन में जवाबी सैन्य कार्रवाई की गई। सऊदी अरब समर्थित सुरक्षा बलों ने हूती के नियंत्रण वाले इलाकों में उसके ठिकानों पर बमबारी की। इस कार्रवाई को सऊदी अरब पर हुए हमलों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण वहां की सुरक्षा स्थिति पहले ही बेहद संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में ताजा हवाई हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
भारत ने हूती हमलों की निंदा की
घटनाक्रम पर भारत ने सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हूती हमलों की निंदा की है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।
भारत की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाना चिंता का विषय है। क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान की चेतावनी से बढ़ी चिंता
इस बीच पाकिस्तान ने हूती को सऊदी अरब पर हमले रोकने की चेतावनी दी है। पाकिस्तान के मुताबिक, यदि सऊदी अरब पर हमले जारी रहते हैं तो सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच सैन्य सहयोग सक्रिय हो सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में हूती की ओर से कोई नई कार्रवाई होती है या सैन्य तनाव को कम करने के प्रयास किए जाते हैं।










