माइक्रोसॉफ्ट का ‘वॉलिंटरी एग्जिट ऑफर’, क्या H-1B वर्कर्स को छोड़ना होगा अमेरिका?

माइक्रोसॉफ्ट का 'वॉलिंटरी एग्जिट ऑफर', क्या H-1B वर्कर्स को छोड़ना होगा अमेरिका?

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माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में अपने लगभग 60 हजार कर्मचारियों के लिए ‘वॉलिंटरी एग्जिट ऑफर’ की घोषणा की है। इस ऑफर के तहत कर्मचारी स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं और आर्थिक पैकेज प्राप्त कर सकते हैं। कंपनी ने यह ऑफर खासतौर पर लेवल 70 और उससे नीचे के कर्मचारियों के लिए जारी किया है, जो अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और भारत में कार्यरत हैं।

वोलेंटरी एग्जिट ऑफर: क्या है इसमें?

माइक्रोसॉफ्ट के इस ऑफर में नौकरी छोड़ने पर मिलने वाला मुआवजा शामिल है, जिसमें टेन्योर और स्तर के आधार पर बेसिक सैलरी और स्टॉक वेस्टिंग जारी रहती है। इसके साथ ही हेल्थकेयर कवरेज और करियर ट्रांजिशन सहायक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। कर्मचारी दिसंबर तक इस ऑफर को स्वीकार कर सकते हैं और स्वीकार करने वाले इस साल के अंत तक नौकरी छोड़ने के लिए बाध्य होंगे।

हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितने कर्मचारी इस ऑफर को चुनेंगे और उनमें से कितने H-1B वीजा पर कामरत हैं। इस मामले में H-1B वीजा होल्डर्स की सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि नौकरी जाने के बाद उनका अमेरिका में कानूनी रहना कैसे संभव होगा।

H-1B वर्कर्स की चुनौती क्या है?

जो कर्मचारी H-1B वीजा पर हैं, वे नौकरी खत्म होने के बाद अधिकतम 60 दिनों का ग्रेस पीरियड प्राप्त करते हैं, जिसमें उन्हें नई नौकरी ढूंढनी होगी और नई कंपनी के जरिए वीजा पिटीशन फाइल करनी होगी। अगर वे इस अवधि में नई अनुमति नहीं ले पाते हैं, तो उन्हें अमेरिका छोड़ना होगा। माइक्रोसॉफ्ट का एग्जिट पैकेज नौकरी खत्म होने पर स्टेटस का विस्तार नहीं करता है, इसलिए यह वीजा होल्डर्स के लिए भारी चुनौती है।

यह चीज खास तौर पर उन परिवारों के लिए चिंता का विषय है जो अमेरिका में H-1B वीजा पर निर्भर हैं। उनके लिए नौकरी छोड़ने का फैसला उनके वीजा स्टेटस और भर्ती भविष्य दोनों पर एक बड़ा असर डाल सकता है।

इस ऑफर के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि लेवल 70 और नीचे के कर्मचारी ही पात्र होंगे, और पात्र कर्मचारियों को ईमेल के माध्यम से ऑफर भेजा जाएगा। यह ऑफर उन कर्मचारियों को दिया जा रहा है जो कंपनी के विभिन्न देशों में काम करते हैं।

खास बात यह है कि इस ऑफर के तहत मिलने वाला मुआवजा कंपनी की सामान्य स्टैंडर्ड सेवरेंस के समान है, जिसमें बेसिक सैलरी के साथ स्टॉक लाभ और हेल्थकेयर कवरेज शामिल होती है। इसके अलावा, करियर ट्रांजिशन की सुविधा भी दी जाएगी जिससे कर्मचारी अगले कार्य की दिशा में बेहतर तैयारी कर सकें।

इसके अलावा, USCIS नियम अनुसार नौकरी छूटने के बाद H-1B वर्कर्स को जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा ताकि वे अमेरिका में वैध रूप से रह सकें या फिर देश छोड़ सकें, अन्यथा अवैध स्थिति हो सकती है।

इसलिए, माइक्रोसॉफ्ट के इस वॉलिंटरी बायआउट ऑफर को स्वीकार करने वाले कर्मचारियों को अपनी इमिग्रेशन स्थिति का ध्यान रखते हुए निर्णय लेना होगा। अन्यथा, नौकरी छूटने के बाद उनके लिए अमेरिका में रहना जटिल हो सकता है।

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KPN News
Author: KPN News

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