दिल्ली में कांग्रेस की वोट बचाओ-देश बचाओ रैली के लिए 20 समितियों का गठन

दिल्ली में कांग्रेस की वोट बचाओ-देश बचाओ रैली के लिए 20 समितियों का गठन

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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली वोट बचाओ-देश बचाओ रैली की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद थे, जिन्होंने आयोजन की सभी व्यवस्थाओं जैसे मंच व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, मीडिया प्रबंधन और कार्यकर्ताओं एवं आमजन की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।

रैली की तैयारियों का हाल

देवेंद्र यादव ने कहा कि यह रैली केवल कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण आवाज है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में मताधिकार की निष्पक्षता और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं, इसलिए कांग्रेस जनता के वोट और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।

यह रैली दिल्ली में आयोजित होने वाली है और इसकी सफलता की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली प्रदेश कांग्रेस पर है। इस काम को सुविधाजनक बनाने के लिए 20 समितियों का गठन किया गया है जो रैली के सभी आवश्यक प्रबंधों को देखेंगे। देवेंद्र यादव के साथ क़ाज़ी निज़ामुद्दीन, अनिल भारद्वाज, एन रघुवीर रेड्डी, हारून यूसुफ़, फरहाद सूरी, मुदित अग्रवाल, मो उस्मान सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

कार्यक्रम की व्यवस्था और उद्देश्य

रैली में देश भर से लाखों लोग आने की संभावना है, इसलिए दिल्ली कांग्रेस ने उनके बैठने, सुविधाओं और नियंत्रण के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। देवेंद्र यादव ने बताया कि लगभग 10 लाख से अधिक लोगों के आने का अनुमान है और उसकी तैयारी पूरी है।

उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है। राहुल गांधी की अगुवाई में गरीब, मजदूर, किसान, पेशेवर और छात्र संगठन भी इस रैली में शामिल हो रहे हैं। छात्र संगठन ने भी अपनी भागीदारी की पुष्टि की है, जो कांग्रेस और गठबंधन नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त करता है।

“वोट बचाओ, देश बचाओ रैली केवल कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की एक निर्णायक आवाज है।”

देवेंद्र यादव ने बताया कि बीजेपी की तानाशाही और एकपक्षीय नीतियों के कारण छात्र अभिव्यक्ति और विचारों की स्वतंत्रता खतरे में है। छात्र सड़कों पर उतरकर चुनाव प्रक्रिया में धोखाधड़ी और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई पूरे देशवासियों के मतदान अधिकार की रक्षा की लड़ाई है, जिसे तब तक जारी रखा जाएगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते या बीजेपी उन्हें जेल नहीं भेज देती।

इस प्रकार, कांग्रेस दिल्ली में होने वाली इस बड़ी रैली के माध्यम से लोकतंत्र की रक्षा और मताधिकार की सुरक्षा का संदेश देना चाहती है। रैली की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और सरकार और प्रशासन से समन्वय के साथ इसे सफल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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KPN News
Author: KPN News

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