कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण को लेकर बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बागेश्वर बाबा को आवश्यकता से अधिक प्रचार और महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने भाजपा की राज्य में कमजोर स्थिति पर भी सवाल उठाए।
बागेश्वर बाबा के बयान पर मदन मित्रा की प्रतिक्रिया
मदन मित्रा ने बताया कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा भगवान कृष्ण के बारे में की गई टिप्पणी पर उनकी कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर बाबा की चर्चित बेतुकी बातें बंगाल में स्वीकार्य नहीं होंगी। उन्होंने पूछा कि आखिर बागेश्वर बाबा कौन हैं और उन्हें इतनी लोकप्रियता क्यों मिल रही है। वह साफ तौर पर कह रहे हैं कि बंगाल में उनका राजनीतिक तमाशा नहीं चलेगा।
मित्रा ने यह भी कहा कि भाजपा ने राम मंदिर का निर्माण जरूर कराया है, लेकिन कृष्ण मंदिर नहीं बनवाया। संभव है कि बागेश्वर बाबा को यह नहीं पता हो कि भगवान राम भी भगवान कृष्ण के भक्त थे। उन्होंने राम और कृष्ण के मेल को रामकृष्ण के तौर पर बताया।
भाजपा पर सवाल और पार्टी की वर्तमान स्थिति
मदन मित्रा ने भाजपा की पश्चिम बंगाल में हालत की गंभीरता पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीति अस्पष्ट है और उसके कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। प्रदेश में सुवेंदु अधिकारी के अलावा पार्टी के कोई सक्रिय कार्यकर्ता नजर नहीं आते।
उन्होंने भाजपा की नीति विरोधाभास पर भी प्रश्न उठाए और कहा कि पार्टी कभी कहती है कि उसका कोई ट्रेड यूनियन नहीं है, और अगले ही दिन ट्रेड यूनियन के गठन की बात करती है। साथ ही, उन्होंने एयरपोर्ट और मेट्रो पर भारतीय मजदूर संघ के गठन का उल्लेख किया और उससे जुड़े संगठनात्मक फैसलों पर सवाल खड़े किए।
मित्रा ने दावा किया कि भाजपा धीरे-धीरे बिखर रही है और जनता में उसकी लोकप्रियता घट रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ भ्रष्ट पदाधिकारी और असामाजिक तत्व शामिल हो गए हैं। उनकी माने तो सुवेंदु अधिकारी अकेले उत्तर बंगाल में प्रचार अभियान चला रहे हैं, लेकिन इससे पार्टी को कोई लाभ नहीं हो रहा है।
मदन मित्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भक्ति की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी हर मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करती हैं। इसके विपरीत, वह बागेश्वर बाबा के राजनीतिक प्रचार को बेतुका बताते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में केवल सच्चाई की जीत होगी और बागेश्वर बाबा का राजनीतिक खेल नहीं चलेगा।
मित्रा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने बागेश्वर बाबा के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए हैं, बल्कि उनका कहना है कि बागेश्वर बाबा के बयान और कोशिशों पर ध्यान देना व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी और यह केवल पांच से छह महीने तक ही चल पाएगी।









