पीएम मोदी ने नेतन्याहू को दिया धन्यवाद, बोले- भारत इजरायल के साथ अपनी मित्रता को बहुत महत्व देता है

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नई दिल्ली, दिल्ली

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत और इजरायल के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंध एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की शुभकामनाओं के लिए आभार जताते हुए भारत-इजरायल मित्रता को विशेष महत्व दिया। प्रधानमंत्री का संदेश दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे रणनीतिक और बहुआयामी संबंधों को रेखांकित करता है।

भारत और इजरायल के संबंध पिछले कुछ दशकों में तेजी से विकसित हुए हैं। आज दोनों देश रक्षा और सुरक्षा के अलावा कृषि, जल प्रबंधन, तकनीक, नवाचार, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, निवेश और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी का उद्देश्य केवल तत्काल रणनीतिक जरूरतों को पूरा करना नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक और तकनीकी सहयोग के नए अवसर तैयार करना भी है।

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जून 2026 में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की शुभकामनाओं के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-इजरायल मित्रता को लेकर सकारात्मक संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों की दोस्ती आने वाले वर्षों में मजबूती से आगे बढ़ती रहेगी।

रिश्तों में विश्वास और रणनीतिक सहयोग

भारत और इजरायल के बीच संबंधों का सबसे मजबूत पक्ष दोनों देशों के बीच विकसित हुआ विश्वास है। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग के कारण दोनों देशों के बीच रणनीतिक संपर्क मजबूत हुआ है। समय के साथ यह साझेदारी कई दूसरे क्षेत्रों में भी फैलती गई।

भारत के लिए इजरायल की आधुनिक तकनीक, कृषि विशेषज्ञता, जल प्रबंधन प्रणाली और रक्षा तकनीक महत्वपूर्ण हैं। दूसरी ओर, भारत का बड़ा बाजार, मजबूत अर्थव्यवस्था, तकनीकी मानव संसाधन और तेजी से बढ़ता स्टार्टअप क्षेत्र इजरायल के लिए आकर्षक अवसर प्रदान करता है।

दोनों देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र कृषि है। इजरायल ने कम पानी में अधिक उत्पादन, ड्रिप सिंचाई और आधुनिक कृषि तकनीकों के क्षेत्र में उल्लेखनीय विशेषज्ञता विकसित की है। भारत में भी जल संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए ऐसी तकनीकों का उपयोग किया जाता रहा है।

मोदी का केसेट में ऐतिहासिक संबोधन

भारत-इजरायल संबंधों की गहराई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण फरवरी 2026 में देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद केसेट में ऐतिहासिक संबोधन किया। वह केसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इजरायल को दो प्राचीन सभ्यताओं और आधुनिक लोकतांत्रिक देशों के रूप में पेश किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच दोस्ती, सम्मान और साझेदारी को भविष्य के संबंधों की बुनियाद बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंध केवल दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि में भी योगदान कर सकते हैं। उन्होंने व्यापार, निवेश और संयुक्त बुनियादी ढांचा विकास को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। रक्षा और सुरक्षा को भी उन्होंने साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

नेतन्याहू ने भारत को बताया महत्वपूर्ण मित्र

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी भारत के साथ संबंधों को लगातार महत्व देते रहे हैं। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में केसेट में आयोजित विशेष सत्र के दौरान नेतन्याहू ने भारत और इजरायल की साझेदारी की प्रशंसा की।

उन्होंने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के साथ साइबर, अंतरिक्ष, कृषि, संस्कृति, तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने दोनों देशों के बीच नए आर्थिक और संपर्क मार्गों तथा विभिन्न क्षेत्रों में समझौतों की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।

सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर सहयोग

भारत और इजरायल के संबंधों में सुरक्षा सहयोग का विशेष महत्व है। दोनों देशों ने आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर अलग-अलग स्तरों पर संवाद किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने केसेट में अपने संबोधन के दौरान आतंकवाद को वैश्विक चुनौती बताते हुए कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लगातार और समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद कहीं भी हो, वह हर जगह शांति के लिए खतरा पैदा करता है।

भारत अपनी विदेश नीति में क्षेत्रीय स्थिरता और शांतिपूर्ण समाधान पर भी जोर देता रहा है। ऐसे में इजरायल के साथ सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ संवाद और कूटनीतिक संपर्क भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

व्यापार और तकनीक पर बढ़ता फोकस

भारत-इजरायल साझेदारी का अगला बड़ा क्षेत्र व्यापार और तकनीक है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की अलग-अलग क्षमताएं एक-दूसरे के लिए अवसर पैदा करती हैं।

इजरायल स्टार्टअप, साइबर सुरक्षा, कृषि तकनीक और उच्च तकनीकी नवाचार के लिए जाना जाता है। वहीं भारत के पास बड़ा उपभोक्ता बाजार, मजबूत आईटी क्षेत्र और विशाल तकनीकी प्रतिभा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप सहयोग की संभावनाएं काफी व्यापक हैं।

स्वास्थ्य और जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाएं हैं। भारत की बड़ी आबादी और जल संसाधनों से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए इजरायली तकनीक कई क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है।

लोगों के बीच संबंध भी अहम

भारत-इजरायल संबंधों में सरकारों के अलावा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय कामगार, विद्यार्थी, कारोबारी और पर्यटक दोनों देशों के बीच मानवीय संबंधों को मजबूत करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने केसेट में अपने संबोधन के दौरान दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने अधिक से अधिक इजरायली युवाओं को भारत आने और भारत की विविधता को समझने का निमंत्रण भी दिया था।

भविष्य में साझेदारी के नए अवसर

भारत और इजरायल के संबंध अब एक बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं। रक्षा और सुरक्षा जहां इसका महत्वपूर्ण आधार हैं, वहीं तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, व्यापार, निवेश और नवाचार भविष्य के सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से नेतन्याहू की शुभकामनाओं के लिए जताया गया आभार इसी व्यापक रिश्ते की निरंतरता को दर्शाता है। दोनों देशों के नेतृत्व के बीच लगातार संवाद और सहयोग यह संकेत देता है कि भारत-इजरायल संबंध आने वाले वर्षों में भी रणनीतिक महत्व बनाए रखेंगे।

भारत के लिए इजरायल एक महत्वपूर्ण तकनीकी और रणनीतिक साझेदार है, जबकि इजरायल के लिए भारत विशाल बाजार, आर्थिक अवसर और मजबूत वैश्विक प्रभाव वाला देश है। दोनों देशों के हितों में यह समानता उनकी साझेदारी को और मजबूत आधार देती है।

ऐसे में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामने आया यह संदेश केवल औपचारिक शुभकामना और धन्यवाद तक सीमित नहीं माना जा सकता। यह भारत-इजरायल संबंधों की उस व्यापक दिशा को भी दर्शाता है, जिसमें दोनों देश विश्वास, तकनीक, सुरक्षा, नवाचार और आर्थिक सहयोग के माध्यम से अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

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Author: KPN News

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