वंदे मातरम् पर सियासी घमासान, अमित शाह की माफी की मांग पर कांग्रेस ने किया पलटवार

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नई दिल्ली, दिल्ली

‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस से माफी की मांग किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शाह पर तीखा हमला बोला है।

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अमित शाह इस मुद्दे को इसलिए उठा रहे हैं ताकि सरकार की कथित विफलताओं से जनता का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि देश के सामने मौजूद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के बजाय सरकार ‘वंदे मातरम्’ विवाद को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है।

रमेश ने शाह पर संसद में डॉ. भीमराव आंबेडकर से संबंधित बयान को लेकर भी निशाना साधा। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि 17 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में शाह ने आंबेडकर का अपमान किया था। कांग्रेस लगातार इस बयान को लेकर भाजपा और गृह मंत्री पर हमला करती रही है।

उन्होंने भाजपा से जुड़े वैचारिक संगठन के इतिहास को लेकर भी सवाल उठाए। रमेश ने आरोप लगाया कि संगठन ने लंबे समय तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे इतिहास के बावजूद भाजपा द्वारा राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाना राजनीतिक रूप से विरोधाभासी है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर अपनी पार्टी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खेड़ा के मुताबिक, कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों को जोड़ने और आजादी की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दूसरी ओर, भाजपा का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है और इसके अपमान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की है।

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस जहां इसे सरकार की कथित नाकामियों से ध्यान भटकाने की रणनीति बता रही है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्र सम्मान से जुड़ा मुद्दा मान रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और सार्वजनिक राजनीतिक विमर्श को किस दिशा में ले जाता है।

KPN News
Author: KPN News

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