नई दिल्ली, दिल्ली
दिल्ली-NCR में सीएनजी से वाहन चलाने वाले लोगों के लिए महंगाई का एक और झटका है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने सीएनजी की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नई दरें शनिवार सुबह 6 बजे से लागू हो जाएंगी। इस बढ़ोतरी के साथ ही वर्ष के दौरान सीएनजी की कीमतों में यह पांचवीं वृद्धि होगी।
आईजीएल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की बढ़ती कीमतों का असर घरेलू स्तर पर गैस की लागत पर पड़ रहा है। कंपनी के अनुसार, सीएनजी के लिए जरूरी गैस का एक बड़ा हिस्सा आयातित एलएनजी से आता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
कंपनी का कहना है कि आयातित गैस की लागत बढ़ने से सीएनजी की आपूर्ति महंगी हो गई है। ऐसे में बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलो की वृद्धि करना जरूरी हो गया। नई कीमत लागू होने के बाद दिल्ली और आसपास के शहरों में सीएनजी उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा।
इस फैसले का सबसे अधिक असर रोजाना बड़ी मात्रा में सीएनजी का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों पर पड़ सकता है। दिल्ली-NCR में ऑटो, टैक्सी, कैब और छोटे मालवाहक वाहनों की बड़ी संख्या सीएनजी पर निर्भर है। ईंधन की कीमत बढ़ने से इनका दैनिक और मासिक खर्च बढ़ जाएगा।
व्यावसायिक वाहन संचालकों के लिए यह बढ़ोतरी खास चिंता का विषय हो सकती है। ईंधन उनके परिचालन खर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है, तो परिवहन सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है।
इसका अप्रत्यक्ष असर आम यात्रियों पर भी पड़ने की संभावना है। टैक्सी और कैब सेवाओं का खर्च बढ़ने पर कंपनियां या चालक किराये में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी के बाद किराये में कोई बदलाव होगा या नहीं, यह संबंधित सेवा प्रदाताओं के निर्णय पर निर्भर करेगा।
दिल्ली-NCR में सीएनजी को लंबे समय से पेट्रोल और डीजल के मुकाबले अपेक्षाकृत सस्ता और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर ईंधन माना जाता रहा है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोगों ने सीएनजी वाहनों को अपनाया है। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने इसकी लागत बचत को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
आईजीएल के नए फैसले के बाद शनिवार सुबह 6 बजे से संशोधित दरें लागू हो जाएंगी। इस साल पांचवीं बार हुई बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी वाहन मालिकों का मासिक ईंधन बजट और बढ़ने की संभावना है।










