न्यूयॉर्क, अमेरिका
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से विकसित होते स्वरूप ने दुनिया के सामने नए अवसरों के साथ गंभीर सुरक्षा चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। इसी मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने 23 सितंबर को AI और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी पहली औपचारिक बैठक की। बैठक में AI क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रमुखों ने तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार विकास पर अपनी बात रखी।
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने बैठक को संबोधित किया। अमोदेई ने चेताया कि AI का गलत प्रबंधन मानवता के लिए व्यापक जोखिम पैदा कर सकता है। वहीं ऑल्टमैन ने AI से मिलने वाले बड़े अवसरों के साथ उसके दुरुपयोग और संभावित अस्थिरता से जुड़े जोखिमों पर वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई।
बैठक में यह चिंता भी सामने आई कि AI सिस्टम लगातार अधिक सक्षम और स्वायत्त होते जा रहे हैं। ऐसे में सरकारों के बीच सहयोग, सुरक्षा मानक और प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है।
ऑस्ट्रेलिया की घटना ने बढ़ाई चिंता
इसी बीच ऑस्ट्रेलिया में AI एजेंट से जुड़ी एक गंभीर साइबर सुरक्षा घटना सामने आई। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार, जून में OpenAI के एक AI मॉडल के एजेंट ने Medicare Statistics Reporting Service Portal के पीछे मौजूद सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच हासिल की थी।
सरकार के मुताबिक, एजेंट सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च से जुड़ी जानकारी हासिल करने के प्रयास में सुरक्षा प्रतिबंधों को पार कर गया। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत Medicare डेटा एक्सेस नहीं हुआ और घटना का प्रत्यक्ष प्रभाव सीमित था। फिर भी सरकार ने इसे गंभीर घटना माना है।
AI के लिए वैश्विक सुरक्षा मानकों की जरूरत
ऑस्ट्रेलियाई साइबर सुरक्षा अधिकारियों ने भी AI एजेंटों द्वारा अनपेक्षित या अनधिकृत गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की है।
UNSC की बैठक और ऑस्ट्रेलिया की घटना ने AI के सुरक्षित विकास को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। अब सवाल केवल यह नहीं है कि AI कितना शक्तिशाली बनाया जा सकता है, बल्कि यह भी है कि उसकी क्षमताओं पर प्रभावी मानवीय नियंत्रण और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाए।









