पुडुचेरी, भारत
इंडिया-ए ने पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ खेले जा रहे पहले अनऑफिशियल टेस्ट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया-ए ने दूसरी पारी में दो विकेट खोकर 55 रन बना लिए हैं। भारत ने मेहमान टीम के सामने 363 रन का लक्ष्य रखा है और अब ऑस्ट्रेलिया-ए को जीत के लिए 308 रन और बनाने हैं।
स्टंप्स के समय नाथन मैक्सस्वीनी 23 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि कप्तान पीटर हैंड्सकॉम्ब अभी खाता नहीं खोल पाए थे। भारत के सामने अब चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के बाकी आठ विकेट हासिल करने की चुनौती होगी।
पहली पारी में भारत ने बनाई बढ़त
इंडिया-ए ने मैच की पहली पारी में 334 रन का स्कोर खड़ा किया था। भारतीय बल्लेबाजों ने टीम को एक मजबूत आधार दिया। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया-ए की पहली पारी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी और पूरी टीम 171 रन पर ऑलआउट हो गई।
इस तरह भारत को पहली पारी में 163 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। इस बढ़त ने मैच में इंडिया-ए की स्थिति को काफी मजबूत कर दिया।
दूसरी पारी में भारत को लगा झटका
भारत के पास पहली पारी की बढ़त को और बड़ा करने का मौका था, लेकिन दूसरी पारी में बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इंडिया-ए की टीम 199 रन पर ऑलआउट हो गई।
इसके बावजूद पहली पारी में मिली बढ़त का फायदा भारत को मिला। दोनों पारियों के अंतर के बाद ऑस्ट्रेलिया-ए के सामने 363 रन का लक्ष्य आया।
यह लक्ष्य हासिल करने के लिए ऑस्ट्रेलिया-ए को अंतिम दिन लंबी बल्लेबाजी करनी होगी। लेकिन तीसरे दिन ही उसके दो विकेट गिरने से भारत को मैच पर दबाव बनाने का मौका मिल गया है।
55/2 पर दिन खत्म
363 रन का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया-ए ने तीसरे दिन के अंत तक 55 रन बनाए। टीम के दो विकेट गिर चुके हैं। नाथन मैक्सस्वीनी 23 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं, जबकि पीटर हैंड्सकॉम्ब उनके साथ हैं।
अब ऑस्ट्रेलिया की नजर चौथे दिन की शुरुआत में विकेट बचाने और साझेदारी बनाने पर होगी। दूसरी ओर भारत जल्द से जल्द विकेट निकालकर मैच को अपनी पकड़ में करना चाहेगा।
भारत के लिए चौथे दिन की रणनीति
इंडिया-ए की जीत की राह काफी हद तक शुरुआती सत्र में गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। भारत अगर सुबह के सत्र में ऑस्ट्रेलिया-ए के दो-तीन विकेट निकाल लेता है तो मेहमान टीम पर दबाव बहुत बढ़ जाएगा।
लेकिन भारतीय टीम को यह भी ध्यान रखना होगा कि 308 रन अभी भी बड़ा लक्ष्य है और ऑस्ट्रेलिया के पास बल्लेबाजी के लिए पूरा दिन है। टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी साझेदारी मैच का रुख बदल सकती है।
इसलिए भारतीय गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी के साथ धैर्य भी बनाए रखना होगा। रन रोकने के साथ विकेट लेने की रणनीति अपनानी होगी।
फिलहाल तीसरे दिन के खेल के बाद इंडिया-ए मजबूत स्थिति में है। ऑस्ट्रेलिया-ए की पारी लड़खड़ा चुकी है और भारत को जीत की आहट सुनाई दे रही है। लेकिन जीत की मुहर लगाने के लिए भारतीय गेंदबाजों को चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी को पूरी तरह तोड़ना होगा।









