नई दिल्ली, दिल्ली। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दशहरा के अवसर पर अपने समर्थकों से कुछ दिनों तक विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने और परिवार के साथ समय बिताने की अपील की है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से त्योहारों के दौरान अपने प्रियजनों के साथ रहने और जेल में बंद सीजेपी प्रवक्ताओं आशुतोष तथा सौरव दास के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया।
दीपके का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई स्थानों पर तनाव देखने को मिला है। कनॉट प्लेस से लेकर जंतर-मंतर तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच खींचतान की घटनाएं सामने आई थीं।
अपने लगभग 16 मिनट के वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि समर्थकों को कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताना चाहिए। उन्होंने नफरत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने भीतर प्रेम, करुणा और दयालुता बनाए रखने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, आंदोलन की ताकत केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता भी है।
दीपके ने आशुतोष और सौरव दास को आंदोलन का महत्वपूर्ण नेतृत्वकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि लोग भले ही उन्हें आंदोलन का नेता मानते हों, लेकिन दोनों प्रवक्ताओं ने आंदोलन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने दोनों को अपना भाई बताते हुए उनकी क्षमताओं और निर्णय लेने की योग्यता की प्रशंसा की।
उन्होंने सीजेपी के प्रदर्शनों की तुलना फ्रांस, नेपाल और बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों से करने वालों की आलोचना भी की। दीपके ने दावा किया कि उनके समर्थकों ने हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास किया। उन्होंने महात्मा गांधी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए अहिंसा को आंदोलन का महत्वपूर्ण आधार बताया।
सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध जताया है। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग के बीच पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया था।










