चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण आंध्र प्रदेश के साथ-साथ ओडिशा में भी हालात चिंताजनक हो गए हैं। ओडिशा में भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। खास बात यह है कि सिर्फ ओडिशा की ही बारिश नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और झारखंड में हो रही तेज बारिश से भी बाढ़ की संभावनाएं अधिक हैं।
फ्लैश फ्लड का बढ़ता खतरा
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने चेतावनी दी है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड में नदियों के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश होने से ओडिशा के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में अचानक बाढ़ आ सकती है। नदियों का पानी एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचता है, जिससे जल स्तर तेजी से बढ़ सकता है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में पानी भरने की आशंका बनी हुई है।
ऐसे इलाकों में जहां पहले से बारिश हो रही है, वहां स्थिति और जटिल हो सकती है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की मॉनिटरिंग तेज कर दी है और आपदा से निपटने के लिए सजगता बढ़ा दी है।
ओडिशा के प्रभावित क्षेत्र और तैयारी
मौसम विभाग ने ओडिशा के पुरी, गजपति, गंजाम, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक और खुर्दा में भी येलो अलर्ट है, जहां सात से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। भारी बारिश का खतरा भू-स्खलन की संभावना को भी बढ़ा देता है।
ओडिशा सरकार ने निचले इलाकों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई है। गजपति और नबरंगपुर जिलों से प्रत्येक करीब 11 हजार लोगों को निकाला जाना है। मलकानगिरि, गंजाम, कोरापुट, रायगड़ा, कालाहांडी और नुआपाड़ा में भी निकासी अभियान जारी है।
राज्य में 135 स्थायी और लगभग 1600 अस्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं। राहत और बचाव के लिए 294 टीमें भी तैनात की गई हैं, जिनमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की नौ टीमें, राज्य आपदा मोचन बल की 60 टीमें और अग्निशमन विभाग की 225 टीमें शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ और झारखंड में सतर्कता
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। रांची में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रहेंगे। छत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में भी विशेष सतर्क रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का मध्यम खतरा बताया है। प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बरसात और नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखना है ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके।
मुख्य तथ्य
- चक्रवात अर्नब के कारण ओडिशा में फ्लैश फ्लड का खतरा है।
- छत्तीसगढ़ और झारखंड में हो रही भारी बारिश से स्थिति बेहतर नहीं है।
- ओडिशा सरकार ने 48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की है।
- 135 स्थायी और 1600 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं।
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